आरएसएस और भाजपा नेता हमेशा स्वदेशी अपनाने की बात करते रहते हैं। लेकिन कांग्रेस के 72 हजार रुपये सहायता वाली स्कीम की काट के लिए एक भाजपा नेता को चाइनीज आइडिया पसंद आ गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि चीनी भाषा में एक कहावत है कि एक भूखे को एक मछली दे दो तो वह एक दिन खुश रहता है, लेकिन अगर उसे मछली पकड़ना सिखा दो तो वह पूरे जीवन भर खुश रहता है। राम माधव ने कहा कि कांग्रेस के द्वारा 72 हजार रुपये की गरीबों को मदद देने की योजना केवल एक छलावा है और यह भूखे को एक दिन मछली देने के समान है, जबकि राष्ट्र को मजबूत करने के लिए हमें लोगों को मछली पकड़ने की कला यानी स्वावलंबी बनने का कौशल सिखाना होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय में गुरुवार को पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले वोटरों से बात करते हुए भाजपा नेता राममाधव ने कहा कि देश में पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं की संख्या 12 करोड़ है। यह संख्या किसी भी सरकार को बनाने या बिगाड़ने की ताकत रखती है। उन्होंने कहा कि युवा वोटर बड़े सपने पालने वाले लोग होते हैं, वे किसी की भीख पर जिंदा नहीं रहना चाहते हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। देश को ऐसी सरकार चाहिए जो लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की बात सिखाती हो।
कांग्रेस की 72 हजार रुपये वाली घोषणा पर हमला करते हुए पूर्व आरएसएस नेता ने कहा कि जिसे चुनाव में हारना होता है वह कोई भी वायदा कर सकता है, वह जनता को चांद देने का भी वायदा कर सकता है, क्योंकि उसे पता होता है कि उसे इन वायदों को पूरा नहीं करना है। जबकि जीतने वाले को वही वायदा करना होता है जिसे वे पूरा कर सकते हैं क्योंकि उन्हें जनता का जवाब देना होता है।