एकनाथ खडसे ने भाजपा से दिया इस्तीफा
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महाराष्ट्र की राजनीति ने एक बार फिर नया मोड़ ले ली है। दरअसल महाराष्ट्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) ने बुधवार को भाजपा से इस्तीफा दे दिया है और एनसीपी में शामिल हो गए। इस्तीफे के बाद वे तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस पर जमकर बरसे।
उन्होंने कहा कि फडणवीस ने एक महिला द्वारा उत्पीड़न के झूठे आरोप के बाद मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश दिया। खडसे ने आगे कहा कि मामला बाद में वापस ले लिया जाएगा। इससे भी नहीं हुआ तो मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू की गई, जिसमें मैं साफ आया। उन्होंने कहा कि मुझे भाजपा में बहुत नुकसान हुआ।
ऐसा माना जा रहा है कि एनसीपी के नेताओं और एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) के बीच कुछ दिनों से बातचीत चल रही थी, ऐसे में एकनाथ उद्धव ठाकरे सरकार में किसी मंत्री पद को भी संभाल सकते हैं। पिछले कई दिनों से इस बात का कयास लगाया जा रहा था कि एकनाथ खडसे भाजपा छोड़ सकते हैं क्योंकि पार्टी में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा था।
रविवार को एकनाथ खडसे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और इसी बीच एनसीपी नेता शरद पवार का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने कहा था कि एकनाथ खडसे का महाराष्ट्र में भाजपा को खड़ा करने में अहम योगदान रहा है। ऐसे में अब उन्हें पार्टी में किनारे किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है।
बता दें कि साल 2015 में एकनाथ खडसे ने भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद से ही खडसे का राजनीतिक करियर ढलान पर रहा है। एकनाथ के समर्थकों का कहना है कि देवेंद्र फडणवीस की वजह से ही उन्हें पार्टी में किनारा कर दिया गया था।