प्रचार नहीं कर सकते तो फिर चुनाव का क्या अर्थ: घोष
दिलीप घोष ने कहा, 'अगर हम प्रचार नहीं कर सकते हैं तो फिर इस चुनाव का क्या मतलब है? मेरे साथ केवल चार लोग थे। बाकी लोग स्थानीय थे जो मुझसे मिलने के लिए वहां पर एकत्र हुए थे।' बता दें कि विधाननगर नगरपालिका के साथ तीन अन्य नागरिक निकायों के लिए चुनाव का आयोजन 12 फरवरी को होना है।
पहले भी कोरोना नियमों को तोड़ते रहे हैं घोष: टीएमसी
उधर, इस मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि दिलीप घोष ने इससे पहले आसनसोल में प्रचार करते वक्त भी कोरोना नियमों का उल्लंघन किया था। सबको पता है कि पिछले साल त्रिपुरा में अगरतला नगरपालिका चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस को किस तरह प्रचार से रोका गया था।