पश्चिम बंगाल में आक्रामक रूप से चल रही 'बाहरी बनाम अंदरूनी' की बहस में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश भाजपा दिलीप घोष ने बुधवार को बड़ा विवादित बयान दे डाला। दिलीप घोष ने दावा किया कि राज्य के विकास में बंगालियों से ज्यादा अहम भूमिका उन लोगों ने अदा की है जो दूसरे राज्यों से यहां आए हैं।
घोष ने एक कार्यक्रम में कहा, 'आजादी से पहले के समय से, दूसरे राज्यों से जो लोग यहां आए उन्होंने बंगाल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मिलों और फैक्टरियों में काम करने वालों में से अधिकांश बाहरी राज्यों के लोग होते थे। इसलिए बाहरी लोगों ने बंगाल के विकास में बंगालियों से ज्यादा काम किया है।
भाजपा नेता ने कहा, 'शाहरुख खान (राज्य के एंबेसडर) और प्रशांत किशोर (तृणमूल कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार) अब अंदरूनी बन गए हैं। यह विडंबना है।' इस बयान के बाद राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने दिलीप घोष पर तीखे प्रहार करते हुए उन पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया है।
तृणमूल के महासचिव पार्थ चटर्जी ने घोष की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा का बंगालियों को अपमानित करने और नीचा दिखाने का मकसद साफ हो गया है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि दिलीप घोष को पता नहीं है कि बंगालियों ने देश के विकास और स्वतंत्रता संघर्ष में क्या भूमिका निभाई है।