राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी की हंसी पर भाजपा नेता भूपेंद्र यादव ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने रेणुका की हंसी को डरावना करार दिया है। यादव ने कहा कि 'इसको (हंसी) को टहाका नहीं अटहास कहते हैं, वह जिस प्रकार से हंसी थी कि अगर कोई बच्चा सुन ले तो डर जाए। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा 'हम चाहते हैं कि मीडिया अपने चैनलों पर उनकी इस हंसी को दिखाए और जनता को दिखाए की कांग्रेस नेता संसद में किस तरह का बर्ताव करते हैं।'
बता दें कि बुधवार (7 फरवरी) को
प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दे रहे थे। उसी दौरान पीएम अपने भाषण में कांग्रेस के उस दावे का उल्लेख कर रहे थे, जिसमें कांग्रेस आधार को अपना बताती है। इसके जवाब के क्रम में प्रधानमंत्री ने सदन में कहा था कि सात जुलाई 1998 को वर्तमान सभापति
वेंकैया नायडू ने बतौर राज्यसभा सदस्य तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से सवाल पूछा था।
नायडू के सवाल के जवाब में आडवाणी ने कहा कि बहुउद्देश्यीय राष्ट्रीय कार्ड का उपयोग पासपोर्ट, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश, जीवन बीमा, निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार, जमीन के दस्तावेज, शहरी संपत्तियों आदि में किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधार का बीज यहां है...20 साल पहले। प्रधानमंत्री के आधार पर दिए इसी बयान पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी की क्या मजाक है, का आभास कराती हुई सदन में हंसी के ठहाके गुंजे। उनकी इस हंसी पर पीएम ने रामायण का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने रामायण के बाद ऐसी हंसी सुनी है।
जिसके बाद
रेणुका ने पीएम की इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया और इसे महिलाओं के खिलाफ बताया।