आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक अश्विनी उपाध्याय ने आप के छठवें स्थापना दिवस पर कहा कि अरविंद केजरीवाल राजनीति के 'निर्मल बाबा' की तरह हैं जो किसी भी समस्या के लिए जमीनी समाधान खोजने की बजाय लोगों को मूर्ख बनाने का प्रयास करते हैं। उपाध्याय ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली की जिन समस्याओं का समाधान देने की बात कहकर सत्ता हथियाई थी, उनके सत्ता में आने के बाद इजाफा हो गया है।
आप को छोड़ भाजपा का दामन थाम चुके अश्विनी उपाध्याय ने अमर उजाला से कहा कि अन्ना आंदोलन से बड़े शीर्ष आदर्शों को लेकर हम निकले थे और 2 अक्टूबर 2012 को पार्टी की नींव रखी थी। उस वक्त पार्टी के मंच पर सिर्फ दो चेहरे थे- महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का। इसका अर्थ था कि हमारी राजनीति में अहिंसा और सच्चाई की बात होगी। 26 नवंबर 2012 को जब हमने पार्टी का रजिस्ट्रेशन कराया तब हमारे सामने सिर्फ दो राजनीतिक मुद्दे थे- करप्शन और पोल्यूशन।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि, लेकिन हाल ही में जारी ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल्ली सरकार के विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ा है। इसके साथ ही दिल्ली दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में एक हो गई है। इससे समझ आता है कि उनके आदर्शों की जमीनी हकीकत क्या है? केजरीवाल के अतिमहत्त्वाकांक्षी और अविश्वासी रवैये ने पार्टी के साथ जुड़े हर बड़े चेहरे को पार्टी से दूर कर दिया।