लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम में भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन को सरकार बनाने का जनादेश मिला है। ऐसे समय में भाजपा की रणनीति क्या रहने वाली है, इस पर हमारे संवाददाता ने जम्मू-कश्मीर के सहप्रभारी भाजपा नेता आशीष सूद से बातचीत की है। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश-
प्रश्न- चुनाव परिणामों पर आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या है?
उत्तर- बहुत बढ़िया चुनाव रहा है। बहुत बढ़िया परिणाम आए हैं। जनता ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार चलाने का जनादेश दिया है। जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के विकास पर मुहर लगाई है और देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम यह सफलता भी हासिल करेंगे और दुनिया में भारत का नाम और ऊंचा हो जाएगा।
प्रश्न- लेकिन इस बार जनादेश में कुछ कमी रह गई? क्या कहेंगे?
उत्तर- थोड़ा-बहुत कम-ज्यादा चलता रहता है। असली बात यह है कि भाजपा ने अकेले दम पर अभी भी समूचे विपक्ष की सीटों से ज्यादा सीटें हासिल की हैं। क्या आप इसे सामान्य उपलब्धि कहेंगे। इसी चुनाव के बीच हमें उड़ीसा, अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में सरकार चलाने का जनादेश मिला है। केरल में हमारे लिए द्वार खुल गए हैं। हमारे नेतृत्व और संगठन की यह बहुत बड़ी सफलता है। इसे किसी भी तरह कमतर करके नहीं देखा जा सकता।
प्रश्न- नई सरकार में प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताएं क्या रहने वाली हैं?
उत्तर- आपने देखा कि चुनाव परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने पहले संबोधन में ही स्पष्ट कर दिया है कि विकास की उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी। जनता के लिए विकास का नया पैमाना गढ़ने का काम करेंगे। हमारी प्राथमिकता में गरीब, महिला, युवा, आदिवासी, अनुसूचित जाति-जनजाति रहेंगे और सरकार इनके विकास के लिए हर संभव काम करेगी।
प्रश्न- आप जम्मू-कश्मीर के सह प्रभारी हैं। कश्मीर में लोकसभा चुनाव हो सकते हैं तो विधानसभा के चुनाव क्यों नहीं हो सकते। जम्मू-कश्मीर को अपनी विधानसभा कब मिलेगी?
उत्तर- यह तो कोई विषय ही नहीं रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट तौर पर कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने के लिए कहा है। सरकार ने पहले ही कह दिया है कि कश्मीर में जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएंगे। ऐसे में किसी को कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। कश्मीर में इसी साल के अंत में, सितंबर-अक्तूबर के आसपास चुनाव हो जाएंगे।
प्रश्न- आप दिल्ली के रहने वाले हैं, इसलिए एक प्रश्न दिल्ली की राजनीति को लेकर भी। दिल्ली के चुनाव परिणाम को किस तरह देखते हैं?
उत्तर- देखिए, अरविंद केजरीवाल ने यह कहकर वोट मांगा था कि यदि वे (जनता) उन्हें वोट देंगे तो उनको जेल नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन आपने देखा कि कांग्रेस से गठबंधन करने के बाद भी आम आदमी पार्टी और केजरीवाल एक भी सीट पर जीतने में नाकाम साबित हुए। दिल्ली की जनता ने सभी भाजपा प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताया है। मुझे लगता है कि दिल्ली की जनता ने केजरीवाल को वोट न देकर केजरीवाल को जेल में ही रहने का जनादेश दिया है। केजरीवाल को जनता के जनादेश का पालन करना चाहिए।
प्रश्न- छह-सात महीने बाद ही दिल्ली विधानसभा के लिए भी चुनाव होंगे। क्या इन चुनाव परिणामों का दिल्ली विधानसभा चुनावों पर भी असर पड़ेगा?
उत्तर- मुझे लगता है कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति का यह अंतिम दौर है। उनकी असलियत जनता के सामने जिस तरह से खुल गई है, दिल्ली में तो आम आदमी पार्टी या कांग्रेस का कोई उम्मीदवार नहीं जीत पाया। इसके साथ-साथ आप देखें कि पंजाब में भी आम आदमी पार्टी को भारी नुकसान हुआ है। इससे साफ हो गया है कि अब जनता उनके ऊपर विश्वास नहीं करती। शराब घोटाले, शिक्षा-स्वास्थ्य घोटाले के साथ-साथ जिस तरह शीश महल का घोटाला सामने आया है, जनता जान गई है कि इस आदमी की असलियत कुछ और ही है। यह कहने के लिए कुछ कहता है, लेकिन असलियत में यह कुछ और ही है। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि अब अरविंद केजरीवाल के लिए राजनीति में ज्यादा कुछ बचा है।