भारत में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। जहां मंगलसूत्र और संपत्ति को लेकर वार-पलटवार अभी थमा भी नहीं था। अब कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के अमेरिका के विरासत टैक्स पर दिए बयान पर बहस छिड़ गई। भाजपा ने उन्हें घेरते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियां देश को बर्बाद करने वाली है। इस बीच कांग्रेस ने पित्रोदा के बयान से पल्ला झाड़ते हुए इसे उनका निजी बयान बताया है।
आधा हिस्सा छीन लिया जाएगा
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय बुधवार को कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को बर्बाद करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने भारत को बर्बाद करने का फैसला किया है। अब, सैम पित्रोदा धन पुनर्वितरण के लिए 50 फीसदी विरासत कर की पैरवी करते हैं। इसका मतलब यह है कि हम अपनी सारी मेहनत और उद्यम से जो कुछ भी बनाएंगे, उसका आधा हिस्सा छीन लिया जाएगा। 50 फीसदी हमारे द्वारा भुगतान किए जाने वाले सभी कर भी बढ़ जाएंगे, अगर कांग्रेस जीतती है।'
धन का बंटवारा माओवादी मनःस्थिति
केंद्रीय मंत्री और धारवाड़ लोकसभा सीट से उम्मीदवार प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'सर्वेक्षण करके धन का बंटवारा माओवादी मनःस्थिति है और वह नहीं चलेगा। इसमें कोई सामाजिक सुधार नहीं है। कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के भाषण से दूरी बना रही है। यह काफी अव्यावहारिक है।'
कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो गई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'सैम पित्रोदा की टिप्पणी के बाद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो गई है। सबसे पहले उनके घोषणापत्र में 'सर्वेक्षण' का जिक्र करते हुए, मनमोहन सिंह का पुराना बयान जो कांग्रेस की विरासत है- कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है और अब सैम पित्रोदा की अमेरिका का हवाला देते हुए टिप्पणी कि धन के वितरण पर विचार-विमर्श होना चाहिए। अब जब पीएम मोदी ने इस मुद्दे को उठाया तो राहुल गांधी, सोनिया गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी बैकफुट पर है कि यह कभी उनका मकसद नहीं था। लेकिन आज सैम पित्रोदा के बयान ने देश के सामने कांग्रेस का मकसद साफ कर दिया है।'
उन्होंने कहा, 'वे देश के लोगों की निजी संपत्ति का सर्वेक्षण करना चाहते हैं, इसे सरकारी संपत्ति में रखना चाहते हैं और यूपीए के शासनकाल के दौरान निर्णय के अनुसार इसे बांटना चाहते हैं। कांग्रेस या तो इसे अपने घोषणापत्र से वापस ले ले या स्वीकार करे कि यह वास्तव में उनका इरादा है। मैं चाहता हूं कि लोग सैम पित्रोदा के बयान को गंभीरता से लें। उनकी मंशा अब खुलकर सामने आ गई है, इसका संज्ञान लोगों को लेना चाहिए।'
कांग्रेस पार्टी की आंतरिक रणनीति का हिस्सा पित्रोदा का बयान
वहीं, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, 'मुझे लगता है कि सैम पित्रोदा का बयान वास्तव में कांग्रेस पार्टी की आंतरिक रणनीति का हिस्सा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में कांग्रेस लोगों के आभूषणों और संपत्ति का सर्वेक्षण कराने, अधिग्रहित करने और बांटने की चर्चा चल रही है। इसे ऐसे लोगों के बीच बांटा जाएगा, जिन्होंने हमेशा देश को बर्बाद किया है। हम इसकी निंदा करते हैं और आने वाले समय में देश की जनता कांग्रेस को इसका परिणाम जरूर दिखाएगी।'
पित्रोदा ने खुद कर दिया कांग्रेस के घोषणापत्र का एक्स-रे
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने खुद कांग्रेस के घोषणापत्र का एक्स-रे कर दिया है। अब राहुल गांधी भी कुछ नहीं कह सकते। सुधांशु ने कहा, हम बचत आधारित अर्थव्यवस्था हैं। दुनिया के बड़े-बड़े थिंक टैंक ने कहा है कि पारिवारिक और पीढ़ीगत संपत्ति बचत को प्रेरित करती है। इसका मतलब है कि आप अपने बच्चों और पोते-पोतियों के लिए जो संपत्ति छोड़ेंगे, वे उन्हें बचत के लिए प्रेरित करेंगी। एक पीढ़ी पैसा कमाने के लिए कड़ी मेहनत करती है, फिर दूसरी पीढ़ी उससे कुछ बनाती है और फिर तीसरी पीढ़ी को इसका लाभ मिलता है, लेकिन कांग्रेस उनकी खुशियां छीनना चाहती है।
घोषणापत्र में दूसरे देशों की फोटो...भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के घोषणापत्र पर सवाल उठाया कि उसमें दूसरे देशों की फोटो हैं। उन्होंने बफेलो राज्य की तस्वीर लगाई और उसे भारत में प्रदूषण बताया। अब स्पष्ट हो गया है कि यह कोई गलती नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया। उनका दिमाग विदेशी चीजों पर केंद्रित है। सुधांशु ने पूछा कि कौन सी विदेशी शक्तियां कांग्रेस को प्रेरित कर रही हैं।
सोना भविष्य में ठोस मुद्रा का आधार इसे भी नष्ट करना चाहती है कांग्रेस
सुधांशु ने कहा, भविष्य में सोना भारत में ठोस मुद्रा का सबसे बड़ा आधार हो सकता है और कांग्रेस उस आधार को नष्ट करने की बात कर रही है। क्या यह किसी बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है? गरीब से गरीब व्यक्ति भी बचत के लिए सोना खरीदता है, भले ही दो-चार तोला। कांग्रेस उसकी इस बचत पर 45 फीसदी कर लगाना चाहती है।
कांग्रेस ने जो लूटा, क्या राहुल उसे लौटाने की शुरुआत करेंगे : प्रधान
भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, कांग्रेस का न्याय और राहुल गांधी का मिशन सिर्फ और सिर्फ तुष्टीकरण व समाज में जहर घोलना है। 70 वर्ष से देश को लूटने वाले आज आर्थिक असमानता पर बड़े-बड़े बोल बोल रहे हैं। कांग्रेस ने जो अब तक लूटा है, राहुल क्या उसे जनता को लौटाने की शुरुआत करेंगे। प्रधान ने कहा, तुष्टीकरण की राजनीति का भूत कांग्रेस पर इस कदर सवार है कि वह हमारे सामाजिक ताने-बाने को चोट पहुंचा रही है। देश को अपनी निजी संपत्ति समझने वाली कांग्रेस सिर्फ अपनी सत्ता की भूख मिटाने के लिए देश को तोड़ने निकल पड़ी है। यह पहली बार नहीं है, कांग्रेस की विचारधारा 1947 से ही यही रही है। पिछड़ों, वंचितों, दलितों, महिलाओं का सशक्तीकरण कभी कांग्रेस का एजेंडा रहा ही नहीं है।
विरासत कर से मध्यम-आकांक्षी वर्ग को नुकसान : सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विरासत कर लगाने की कांग्रेस पार्टी की योजना का उद्देश्य मध्यम और आकांक्षी वर्गों को नुकसान पहुंचाना है क्योंकि वे अपनी बचत अपने बच्चों को नहीं दे पाएंगे। कांग्रेस सत्ता में आई तो संगठित और वैध लूट देखने को मिलेगी। वहीं, असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, कांग्रेस का इरादा आपकी मेहनत की कमाई की संगठित व वैध लूट है।
संपत्ति, सीमा व सनातन को कांग्रेस से खतरा : अनुराग
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस से संपत्ति, संतान, सीमा और सनातन को खतरा है। कांग्रेस की नजर अब जनता की संपत्ति पर है। ये लोग आपकी मृत्यु के बाद भी अपना वसूली टैक्स जारी रखना चाहते हैं। हैदराबाद में भाजपा प्रत्याशी माधवी लता के रोड शो में शामिल होने के दौरान अनुराग ने कहा कि कांग्रेस मृत्यु के बाद आपकी संपत्ति आपके बच्चों को नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के नाम पर घुसपैठियों को देना चाहती है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस सनातन के बाद अब संतान विरोधी भी हो चुकी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, देश को सोचना होगा कि क्या उनकी संपत्ति, उनके बच्चों की सुरक्षा, हमारी सरहदें और देश का भविष्य कांग्रेस के हाथों में सुरक्षित है। राहुल गांधी और ओवैसी औरंगजेब की यूनिवर्सिटी से पढ़े हैं और उसी की भाषा बोलते हैं। राहुल ने ओवैसी के खिलाफ प्रत्याशी क्यों नहीं उतारा? क्या ओवैसी राहुल की बी टीम हैं। उन्होंने कहा कि जो काटने और टुकड़े करने की बात करते हैं, उनकी पतंग ऐसी काटो कि वह फिर ऐसी बातें करने के लायक ही न रहें।
अव्यावहारिक ज्ञान वाला व्यक्ति ही कर सकता है धन पुनर्वितरण की बात
पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ जदएस नेता एचडी देवगौड़ा ने राहुल गांधी के ‘धन पुनर्वितरण वादे’ की आलोचना की और कहा कि केवल कोई अव्यावहारिक ज्ञान वाला व्यक्ति ही ऐसा बोल सकता है। जदएस सुप्रीमो देवगौड़ा ने कांग्रेस के घोषणापत्र का मजाक उड़ाते हुए दावा किया कि जिस पार्टी को सत्ता में आने का भरोसा नहीं है, वहीं इतने और इस तरह के वादे कर सकती है। कांग्रेस देश को उल्टी दिशा में ले जाना चाहती है। उसके किए गए वादों से पता चलता है कि वह किसी भी कीमत पर सत्ता में आना चाहती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संपत्ति का सर्वेक्षण कर संपत्ति का बंटवारा करना चाहते हैं। क्या उन्हें लगता है कि वह एक जन नेता हैं। वह एक क्रांति का सपना देख रहे हैं। धन पुनर्वितरण की बात कर राहुल ने कांग्रेस के दो प्रधानमंत्रियों का अपमान किया है, जिन्होंने बाजार सुधार किया और देश की संपत्ति बढ़ाई।
कांग्रेस की मंशा सेना में भी आरक्षण देना- राजनाथ
रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र सत्ता में आने पर धर्म आधारित कोटा लागू करने का संकेत देता है। एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा या राजग का आदर्श वाक्य है सभी को न्याय, किसी का तुष्टीकरण नहीं, लेकिन कांग्रेस के घोषणापत्र में पार्टी ने फिर से सरकारी नौकरियों में धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण का संकेत दिया है, जिसे लागू किया गया तो इसमें सशस्त्र बल भी शामिल हो सकते हैं। यह एक ऐसा विचार है जो देश की एकता को प्रभावित करता है।
राजनाथ ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गठित सच्चर समिति ने 2006 में अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसमें सुझाव दिया गया था कि भारतीय सेना की गिनती धर्म के आधार पर की जानी चाहिए। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार देखा गया कि सैन्य बलों को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश की गई।
मुस्लिम आरक्षण लागू करने के चार असफल प्रयास किए
राजनाथ ने कहा, मेरी चिंता यह है कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में अल्पसंख्यक कल्याण के नाम पर जो कुछ भी कहा है, वह सच्चर समिति की रिपोर्ट से प्रभावित है। पिछली कांग्रेस सरकार ने (विभाजन से पहले) आंध्र प्रदेश में मुस्लिम आरक्षण लागू करने के चार असफल प्रयास किए, लेकिन कानूनी बाधाओं और सुप्रीम कोर्ट के मुद्दों के कारण यह कदम सफल नहीं हो सका।
सैम पित्रोदा ने यह कहा था
दरअसल सैम पित्रोदा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अमेरिका के विरासत टैक्स का जिक्र कर रहे हैं। उनका कहना है, 'अमेरिका में विरासत कर (टैक्स) लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 फीसदी अपने बच्चों को दे सकता है। 55 फीसदी सरकार द्वारा हड़प लिया जाता है। यह एक दिलचस्प नियम है। यह कहता है कि आपने अपनी पीढ़ी में संपत्ति बनाई और अब आप जा रहे हैं, आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए। हालांकि पूरी नहीं, आधी ही। ये जो निष्पक्ष कानून है मुझे अच्छा लगता है।'