भाजपा ने सभी लोकसभा सांसदों को कल 2 अप्रैल को संसद में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित करने के लिए पेश किया जाएगा। इससे पहले इस पर सदन में चर्चा होगी। पार्टी की ओर से जारी व्हिप में कहा गया कि बुधवार को सदन में अति महत्वपूर्ण विधायी कार्य है। उन्हें पारित करने के लिए सभी लोग पार्टी का समर्थन करें और वोटिंग करें। व्हिप में सभी सांसदों से पूरे दिन सदन में ही मौजूद रहने को कहा गया है। भाजपा के पास लोकसभा में 240 सांसद ही हैं।
सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में प्रस्तावित चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू जवाब देंगे और विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की मंजूरी लेंगे। लोकसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई हैं। पिछले साल बिल पेश करते समय सरकार ने इसे संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव रखा था।
विपक्ष भी बना रहा है रणनीति
कांग्रेस की ओर से भी तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है। सभी सांसदों को अगले तीन दिनों तक लोकसभा और राज्यसभा में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। विपक्षी दल भी कल की कार्यवाही के लिए तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, वक्फ संशोधन विधेयक मुद्दे पर रणनीति पर चर्चा के लिए आज शाम 6 बजे विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं की बैठक होने वाली है। जिसमें कल को लेकर रणनीति बनाई जा सकती है।
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लोकसभा में सांसदों का गणित
लोकसभा में वक्फ विधेयक पास करने के लिए 272 के जरूरी आंकड़े की जरूरत पड़ती है। 542 सदस्यों वाली लोकसभा में भाजपा के 240 सांसद हैं। लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) कुल 293 सांसदों के साथ बहुमत में है। जिसमें जेडीयू, टीडीपी और अपना दल समेत कई दल शामिल है। वहीं विपक्ष दल कांग्रेस के 99 सांसद हैं। इंडिया ब्लॉक में शामिल सभी दलों को मिलाकर इनकी कुल संख्या 233 तक ही पहुंचती है।
वहीं, 236 सदस्यों वाली राज्यसभा में भाजपा के 98 सांसद हैं, लेकिन एनडीए के पास करीब 115 सांसद हैं। इसके अलावा, 6 मनोनीत सदस्य भी हैं, जो आमतौर पर सरकार के पक्ष में मतदान करते हैं। इन्हें जोड़ने पर एनडीए की संख्या 121 तक पहुंच जाती है। जबकि राज्यसभा में किसी भी विधेयक को पारित कराने के लिए 119 मतों की जरूरत होती है।
वहीं कांग्रेस के 27 सांसद हैं और इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के मिलाकर कुल 58 सदस्य हैं। विपक्ष के पास कुल 85 सांसद हैं। इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस के नौ, बीजू जनता दल के सात और एआईएडीएमके के चाल सदस्य राज्यसभा में हैं। कुछ छोटे दलों और निर्दलीय मिलाकर तीन अन्य सदस्य भी हैं।