भाजपा लोकसभा चुनाव तक गोवा में नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं है। पार्टी को डर है कि नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में वहां गठबंधन सरकार की स्थिरता बनाए रखना बेहद कठिन होगा। इसके मद्देनजर भाजपा नेतृत्व सूबे में सरकार की दोनों सहयोगियों और निर्दलीय विधायकों से लगातार संवाद कायम रखेगी।
लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे सीएम परिकर ने पार्टी को सूबे में नया नेतृत्व तलाशने का अनुरोध किया था। भाजपा की मुश्किल यह है कि वर्तमान में राज्य के सीएम और डिप्टी सीएम दोनों बीमार हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में महज 13 सीटें हासिल करने के बावजूद सरकार बनाने में सफलता सहयोगी दलों में परिकर की स्वीकारता के कारण ही संभव हो पाया। अगर परिकर को हटाया गया तो सहयोगी दलों के साथ पार्टी का संतुलन गड़बड़ा सकता है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि सरकार चलाने के लिए पहले से वहां कमेटी बनी हुई है। पार्टी ने सहयोगी दलों को इसी कमेटी के सहारे भविष्य में कुछ और महीने तक सरकार चलाने की प्रक्रिया जारी रखने के लिए राजी किया है। मौके की नजाकत को भांपते हुए कांग्रेस ने दो दिन पूर्व सूबे में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था।