उत्तर प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा का राष्ट्रवाद जनता में स्वीकार्य नहीं है। पिछले पांच वर्षों में उसके हर काम को जनता में संदेह की नजर से देखा गया। केंद्र के हर काम पर जनता ने सवाल उठाया। सबने देखा कि भाजपा का राष्ट्रवाद कभी वर्ग विशेष को डराता है, तो कभी एक समाज विशेष को। अखिलेश प्रताप सिंह के मुताबिक, जबकि कांग्रेस का पूरा इतिहास ही राष्ट्रवाद से भरा हुआ है। आजादी के पूर्व से लेकर आज तक हमने देश के लिए जान दी है। राष्ट्र के लिए ही हमारे नेता शहीद हुए हैं। ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि भाजपा राष्ट्रवाद के मुद्दे को उठाकर बहुत लाभ लेने की स्थिति में रहेगी।
‘निभा रहे अपनी जिम्मेदारी’
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रवाद किसी दल विशेष की प्रॉपर्टी नहीं है। केंद्र सरकार रोजगार, शिक्षा और विकास जैसे हर मोर्चे पर फेल रही है, इसलिए वह सेना के पराक्रम के सहारे अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम जनता को सच बताएं और हम वही कर रहे हैं। इसका राजनीतिक लाभ या नुकसान क्या होगा, यह एक अलग विषय है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने कहा कि सबसे पहले तो यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि विपक्ष का एक भी सवाल सेना या उसके पराक्रम पर नहीं है। हमें अपनी सेना पर नाज है। लेकिन जब सेना ने बालाकोट में मृतकों की संख्या नहीं बताई, तब अमित शाह और योगी आदित्यनाथ को हमलों में मारे गए लोगों की संख्या कैसे पता चल गई, इस बात का जवाब देश को दिया जाना चाहिए।
राशिद अल्वी ने कहा कि भाजपा नेता इस मुद्दे पर लगातार देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर सही समय पर हमने सवाल नहीं उठाया तो जनता उन्हीं बातों को सच मान लेगी। ऐसे में हम देश की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और इन बातों को राजनीतिक लाभ या हानि के हिसाब से नहीं देखा जाना चाहिए।