केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने शनिवार को केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला और उन्हें भेड़ की खाल में भेड़िया बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी एक तरफ क्रिसमस के दौरान चर्चों और बिशप के घरों में केक लेकर जाती है, लेकिन दूसरी तरफ ऐसे कानून लाती है जो ईसाई समुदाय के हितों को प्रभावित करते हैं।
सतीशन ने दावा किया कि कांग्रेस ने एफसीआरए कानून अवैध विदेशी फंडिंग को रोकने के लिए बनाया था, लेकिन मौजूदा संशोधन अल्पसंख्यक समुदायों की संपत्तियों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि भविष्य में सरकार चर्च से जुड़ा कोई नया कानून भी ला सकती है, जैसा कि वक्फ कानून में संशोधन के जरिए किया गया।
सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और एलडीएफ पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि CPI(M) ने अपने ही रुख के खिलाफ जाकर SDPI जैसे संगठन का समर्थन स्वीकार किया है, जिसे पार्टी पहले चरमपंथी बता चुकी है।
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि आगामी 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एलडीएफ हार के डर से हिंसा का सहारा ले रहा है। उन्होंने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के गनमैन और ड्राइवर पर हुए हमले, उनके काफिले को रोके जाने और कई जगहों पर यूडीएफ के प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को इसका उदाहरण बताया।
सतीशन ने कहा कि इस तरह की घटनाएं यूडीएफ को नहीं रोक पाएंगी। उन्होंने दावा किया कि यूडीएफ राज्य में मजबूत एंटी-इंकम्बेंसी के दम पर चुनाव में 100 से अधिक सीटें जीतने जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने उन सर्वेक्षणों को अविश्वसनीय बताया, जिनमें मुकाबला कांटे का बताया जा रहा है। उनके मुताबिक, जमीनी हकीकत में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच बड़ा अंतर है और इसका फायदा विपक्षी गठबंधन को मिलेगा।