मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत पांच चुनावी राज्यों में से चार के नतीजे आज आएंगे। मिजोरम जहां सबसे पहले 7 नवंबर को वोट डाले गए थे, उसके नतीजे चार दिसंबर को आएंगे। इन पांच में से दो चुनावी राज्यों- राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इस वक्त कांग्रेस सरकार है। वहीं, मध्य प्रदेश में भाजपा, तेलंगाना में बीआरएस और मिजोरम में एमएनएफ सत्ता में है।
छह घंटे की मतगणना के बाद भाजपा-कांग्रेस का हाल
तीन दिसंबर को सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होने के छह घंटे बाद आए आंकड़ों में तीन राज्यों में भाजपा को निर्णायक बढ़त मिलती दिख रही है। मध्य प्रदेश में भाजपा को 160 से अधिक सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है। कांग्रेस शासित राजस्थान में हर पांच साल में सरकार बदलने का राजनीतिक रिवाज बरकरार रहने के आसार दिख रहे हैं, यानी कांग्रेस बुरी तरह पिछड़ रही है। भाजपा 112 सीटों पर आगे है। छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को झटका लगने के संकेत हैं। भाजपा 54 सीटों पर आगे है। तेलंगाना में कांग्रेस को निर्णायक बढ़त के संकेत हैं। सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (BRS) को झटका देते हुए कांग्रेस 65 सीटों काफी आगे दिख रही है। (सभी आंकड़े दोपहर चार बजे तक, ECI के आंकड़ों के मुताबिक)
चार राज्यों की मतगणना से इतर देश के बाकी राज्यों की बात करें तो इस वक्त 10 राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं। वहीं, छह राज्यों की सरकार में भाजपा हिस्सेदार है। चार राज्यों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं। जबकि, तीन राज्यों में कांग्रेस गठबंधन सरकारों का हिस्सा है। सात राज्य ऐसे हैं जहां अन्य दलों की सरकारें हैं। दो राज्यों पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी, तेलंगाना में बीआरएस, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस, ओडिशा में बीजद और केरल में लेफ्ट गठबंधन की सरकार है।
आइये जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की सत्ता में आने बाद देश का सियासी नक्शा कैसे बदला है? मोदी सरकार बनने के वक्त कितने राज्यों में भाजपा और कितने राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी? कितने राज्यों में अन्य दल सत्ता में थे? कब देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले हिस्सों में भाजपा और उसके सहयोगी सरकारों का शासन आया? इस वक्त देश का सियासी नक्शा कैसा है?