दिल्ली में नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाएगी बीजेपी सरकार
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भाजपा के नेतृत्व में बनी नई दिल्ली सरकार राजधानी में नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाने पर विचार कर रही है। इसमें दिल्ली में नए उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों-निवेशकों को विशेष राहत प्रदान की जा सकती है। पहले से चल रहे उद्योगों को सस्ती बिजली और सस्ता श्रम उपलब्ध कराने के उपाय करने के साथ-साथ दिल्ली की सभी 56 इंडस्ट्रियल एरिया को हर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाकर उद्यमियों को व्यापार हेतु अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य दिल्ली में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
भ्रष्टाचार पर सरकार करेगी प्रहार
नए उद्योग स्थापित करने में उद्योगपतियों को अलग-अलग विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्रों सहित कई अलग-अलग विभागों से लाइसेंस लेने की आवश्यकता पड़ती है। नई रेखा गुप्ता सरकार उद्योगपतियों को किसी उद्योग से संबंधित सभी दस्तावेज एक ही विंडो पर उपलब्ध कराने के ढांचे पर विचार कर रही है। इससे उद्योगपतियों को समय से कामकाज शुरू करने में सुविधा मिलेगी और भ्रष्टाचार में कमी आएगी।
भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपने संकल्प पत्र में युवाओं को 50 हजार सरकारी नौकरियां दिलाने और 20 लाख स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का वादा किया था। नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी में युवाओं के द्वारा स्वरोजगार करने पर उन्हें विशेष आर्थिक और तकनीकी मदद देकर उन्हें एक सफल उद्यमी के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके माध्यम से भाजपा युवाओं से किया गया अपना सबसे बड़ा वादा निभाने का फॉर्मूला तैयार कर रही है।
क्या है सरकार की योजना?
दिल्ली सरकार के सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े औद्योगिक सेंटर के रूप में तब्दील करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले और एग्जिबिशन शो आयोजित कर बड़ी कंपनियों को दिल्ली में निवेश के लिए आमंत्रित किये जाने की योजना बनाई जा रही है। कंपनियों को दिल्ली और आसपास के राज्यों के स्थानीय उत्पादों को इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इससे दिल्ली के स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के उद्योगपतियों के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शंघाई, न्यूयॉर्क और पेरिस की तर्ज पर विशेष बाजारों के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
व्यापारियों से लिए जा रहे सुझाव
नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लेने के लिए सरकार दिल्ली के उद्योगपतियों-व्यापारियों से सलाह लेगी। इसी माह के अंत में पेश किए जाने वाले बजट में भी व्यापारियों की सलाह को केंद्र में रखकर नए प्रस्ताव पेश किए जा सकते हैं। व्यापार को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में विशेष योजनाओं को भी लागू किया जा सकता है।