कर्नाटक में सियासी जोड़तोड़ का पहला अध्याय 55 घंटे के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के साथ खत्म हो गया। भाजपा विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं जुटा पाई और विश्वास मत से पहले ही उसकी ढाई दिन की सरकार गिर गई। येदियुरप्पा 2007 में महज 7 दिन के ही मुख्यमंत्री रहे थे। 2010 में भी उनकी सीएम की दूसरी पारी 38 महीने में खत्म हो गई थी।
अपने इस्तीफे से पहले येदियुरप्पा ने विधानसभा में भावुक भाषण दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं अब जनता के बीच जाऊंगा, क्योंकि उसी ने हमें सबसे बड़ी पार्टी बनाया। यह जनादेश जदएस और कांग्रेस के लिए नहीं था।’ इसके बाद वह राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने राजभवन चले गए। इससे पहले, दो दिन से गायब बताए जा रहे कांग्रेस के दो विधायक आनंद सिंह और प्रताप गौड़ा बंगलूरू के ही एक होटल के कमरे में मिले। दोनों कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था में विश्वास मत से पहले विधानसभा पहुंचे और शपथ ली। इसके बाद दोनों कांग्रेस के नेताओं के ही साथ बैठे। येदियुरप्पा के इस्तीफे के साथ ही जदएस और कांग्रेस के चुनाव बाद बने गठबंधन के लिए सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को येदियुरप्पा सरकार को शनिवार शाम चार बजे तक राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का आदेश दिया था। राज्यपाल वजुभाई वाला ने सबसे बड़े दल भाजपा के नेता येदियुरप्पा को सरकार गठन का न्योता देते हुए बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। इसके खिलाफ कांग्रेस और जदएस सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। कोर्ट ने इस मियाद को घटाकर शनिवार शाम चार बजे कर दिया था। सदन में जदएस के 37 और कांग्रेस के 78 विधायक हैं। उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल है। 15 मई को आए नतीजों में भाजपा 104 सीटों पर ठहर गई थी। उसे सदन में बहुमत के लिए 112 सीटों की दरकार थी। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह यह आंकड़ा नहीं जुटा पाई।
येदि बोले, जा रहा हूं...फिर लौटकर आऊंगा
अगर आज हमें 113 सीटें मिली होतीं तो तस्वीर कुछ और होती। सोचा था राज्य के किसानों के लिए काम करूंगा। राज्य में हर जगह जाऊंगा और लोगों से मिलूंगा। हम सब फिर से कोशिश करेंगे और फिर जीतकर आएंगे। चुनाव कब आएगा मालूम नहीं। 5 साल बाद आएगा या पहले भी आ सकता है। मैं फिर लौट के आऊंगा। कांग्रेस और जदएस गठबंधन अवसरवादी है और हम अगले चुनाव की तैयारी में लगेंगे। लोकसभा चुनाव में भाजपा सभी 28 सीटों पर जीत हासिल करेगी।
राहुल का तीखा हमला, मोदी खुद ही भ्रष्टाचार
Karnataka Verdict
राहुल ने कर्नाटक में भाजपा की सरकार गिरने के बाद सीधे पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘भाजपा और संघ ने लोकतंत्र का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मोदी जी और हत्या के आरोपी अमित शाह को कर्नाटक की जनता ने जवाब दे दिया है। मोदी जी घूम-घूमकर देश से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करते हैं, लेकिन असल में वह खुद ही भ्रष्टाचार हैं। टेलीफोन की बातचीत समेत तमाम ऐसे सबूत हैं कि भाजपा ने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को खरीदने की भरपूर कोशिश की। मैं पीएम को संदेश देना चाहता हूं कि वह देश और जनता से बड़े नहीं हैं, वह संसद या सुप्रीम कोर्ट से भी बड़े नहीं हैं।’
भाजपा बोली, राहुल ने दिमागी संतुलन खोया
राहुल के हमले पर भाजपा ने भी जोरदार पलटवार किया। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा, ‘राहुल गांधी कौन होते हैं, पीएम मोदी के बारे में बात करने वाले। पीएम मोदी ने देश को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी है। वह पीएम मोदी पर इस तरह के आरोप लगाएंगे तो लोग कहेंगे कि राहुल ने दिमागी संतुलन खो दिया है।’
कांग्रेस ने ऐसे बचाए विधायक
1. कांग्रेस की ओर से डीके शिवकुमार ने कमान संभाली। विधायकों को अपने रिसोर्ट में रखा। येदियुरप्पा के शपथ लेने वाली रात में ही कांग्रेस ने अपने विधायकों को बस से हैदराबाद पहुंचाया।
2. दूसरे दिन विधायकों को बंगलूरू वापस लाया गया। विधायकों पर बाकायदा निगरानी रखी। सदन में ले जाने से पहले साफ हिदायत दी कि कोई भी भाजपा नेता से बात नहीं करेगा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से ऐन पहले कांग्रेसी विधायक विधानसभा पहुंचे।
3. सदन की कार्यवाही स्थगित होने पर विधानसभा नहीं छोड़ी। वहीं खाना उपलब्ध कराया गया। इससे भाजपा चाहकर भी कांग्रेसी विधायकों से संपर्क नहीं कर पाई। इसी का नतीजा था कि कांग्रेस खेमे से गायब विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल और आनंद सिंह वापस सदन में लौटे और कांग्रेस के साथ हो लिए।
येदियुरप्पा की कथित ऑडियो क्लिप से किरकिरी
शनिवार सुबह बहुमत जुगाड़ने को लेकर आश्वस्त दिख रही भाजपा की कांग्रेस की ओर जारी ऑडियो क्लिप्स ने किरकिरी करा दी। कांग्रेस ने कथित तौर पर येदियुरप्पा, उनके बेटे विजयेंद्र, जनार्दन रेड्डी, श्रीरामुलु और मुरलीधर राव के ऑडियो क्लिप जारी किए। कांग्रेस का दावा था कि येदियुरप्पा ने खुद उसके एक विधायक वीसी पाटिल को फोन कर खरीदने की कोशिश की।
टेप में कथित तौर पर येदियुरप्पा कह रहे हैं कि कोच्चि मत जाइये, हम आपको मंत्री बना देंगे। हर तरह से आपकी मदद करेंगे। आगे जो होगा समय आने पर बता देंगे। वहीं कांग्रेस विधायक वीएस युगरप्पा ने आरोप लगाया कि येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजेंद्र ने मेरी पत्नी को फोन कर ऑफर दिया कि हम आपके पति को कैबिनेट पद और 15 करोड़ रुपये देंगे।