करो या मरो का सवाल बने गुजरात विधानसभा चुनाव के अहम मौके पर मूडीज की रेटिंग ने भाजपा की मुंह मांगी मुराद पूरी कर दी है।
खासतौर से कमजोर अर्थव्यवस्था, जीएसटी, नोटबंदी के फैसले पर गुजरात विधानसभा चुनाव में विपक्ष के मजबूत हमले का सामना कर रही पार्टी को विपक्ष पर जवाबी पलटवार करने का अहम सियासी मौका उपलब्ध कराया है।
यही कारण है कि रेटिंग जारी होते ही भाजपा और केंद्र सरकार ने विपक्ष पर जवाबी हमला बोलने का इंतजार नहीं किया। पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तो बाद में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार की आर्थिक नीतियों-फैसलों पर सवाल उठाते हुए विपक्ष पर ताबड़तोड़ हमले किए।
दरअसल नोटबंदी-जीएसटी लागू करने के सवाल पर सरकार और भाजपा को विपक्ष ही नहीं अपनों के भी हमले का शिकार होना पड़ रहा था।
इन फैसलों से अर्थव्यवस्था में सुस्ती आने, बेरोजगारी बढने, व्यापारियों की मुसीबतें बढने जैसे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा मार्गदर्शक मंडल के सदस्य यशवंत सिन्हा के आरोपों के साथ-साथ इन्हीं मुद्दों के गुजरात चुनाव में छा जाने से पार्टी अंदरखाने बेहद असहज थी।
अब मूडीज रैंकिंग में 13 साल बाद आए सकारात्मक बदलाव ने भाजपा को विपक्ष पर पलटवार करने का अहम मौका दे दिया।
पढ़ें- गुजरात चुनावः दूसरी लिस्ट से चलनी शुरू होगी भाजपा विधायकों पर आलाकमान की कैंची
पार्टी सूत्रों ने बताया कि मूडीज की नई रैंकिग प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा मोदी सरकार के फैसलों को सही ठहराया जाना है। निश्चित रूप से यह उपलब्धि गुजरात चुनाव में पार्टी के बहुत काम आएगी।
खुद प्रधानमंत्री अपने भाषणों में इस उपलब्धि की जोरशोर से चर्चा करेंगे, जबकि पार्टी पोस्टर, बैनर तथा अन्य माध्यमों से इस उपलब्धि का जोरशोर से प्रचार करेगी।
''यह एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संस्था का मोदी सरकार को दिया गया प्रमाण पत्र है। रैंकिंग में सुधार खासतौर पर अर्थव्यवस्था पर प्रधानमंत्री की ओर से की गई पहल और लिए गए निर्णय पर दिया गया प्रमाण पत्र है। इससे यह भी साफ हो गया है कि इस सरकार के सारे फैसले अर्थव्यवस्था में भविष्य में भी तेज गति से बढ़ोत्तरी के लिए लिए गए हैं।''
-पीयूष गोयल, रेल मंत्री