महाराष्ट्र चुनाव में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर बवाल मचा है। महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन महायुति में भी 'बटेंगे तो कटेंगे' वाले नारे को लेकर असहमति है। पिछले दिनों गठबंधन में शामिल एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने योगी के बयान पर आपत्ति जताई थी। अजित पवार के बयान का भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन में शामिल हर दल की अपनी अलग भाषा और वोट बैंक है। राजनीतिक दल उस भाषा में बात करते हैं जो उनके समर्थकों को पसंद है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि जब भी कोई गठबंधन तैयार होता है तो उसके कुछ साझा कार्यक्रम होते हैं। अजित पवार ने जो भी कुछ कहा वह उनके दृष्टिकोण और वोट बैंक के मुताबिक हो सकता है। महायुति में हर पार्टी भाजपा, शिवसेना और एनसीपी का अपना वोट बैंक और वह ऐसी भाषा में बात करते हैं जो उसके समर्थकों को पसंद हो।
तावड़े ने कहा कि मुझे लगता है नारा केवल एक तथ्य है। अगर एकजुट नहीं है तो सुरक्षित नहीं रहेंगे। इसलिए मैं प्रधानमंत्री की बात से सहमत हूं। तावड़े ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को 155-160 सीटें मिलने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यह चुनाव राज्य स्तरीय मु्द्दों की जगह विधानसभा स्तर पर केंद्रित है। विधानसभा स्तर पर भाजपा और महायुति का प्रदर्शन अच्छा है। शिवसेना, भाजपा और एनसीपी गठबंधन सरकार बनाएगा। उन्होंने महाविकास अघाड़ी गठबंधन की ओर से उलेमाओं की वकालत करने पर कहा कि ऐसे वोट जिहाद का जवाब देना जरूरी है।
अजित पवार ने यह कहा था
डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा था कि एक राज्य का सीएम यहां आता है और कहता है 'बटेंगे तो कटेंगे', हमने तुरंत कहा कि ऐसे नारे यहां नहीं चलेंगे क्योंकि महाराष्ट्र अंबेडकर के सिद्धांतों पर काम करता है। मुझे नहीं पता कि देवेंद्र जी (देवेंद्र फडणवीस) का इस पर क्या जवाब है लेकिन हमें यह 'कटेंगे, बटेंगे' पसंद नहीं है।
महाराष्ट्र में एमवीए बनाम महायुति
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होने हैं, सभी 288 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी। कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एससीपी) से मिलकर बना विपक्षी एमवीए गठबंधन राज्य में सत्ता हासिल करना चाहता है, जो महायुति गठबंधन को चुनौती देता है, जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं।
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