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आसनसोल हिंसा: हालात का जायजा लेने जाएंगे भाजपा के ये चार दिग्गज नेता, शाह को सौपेंगे रिपोर्ट

Fri, 30 Mar 2018 04:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पश्चिम बंगाल में रामनवमी के जुलूसों के दौरान हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अबतक अलग-अलग जगहों पर हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य का आसनसोल सबसे ज्यादा सांप्रदायिक हिंसा का शिकार हुआ है। 

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राज्य में रामनवमी यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद सरकार ने जुलूसों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। बुधवार को हिंसा वाले इलाके रानीगंज में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई और इलाके में धारा 144 लागू की गई।

इस सब के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल में हुई हिंसक घटनाओं को दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। अमित शाह के कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर जानकारी दी गई है कि 'पार्टी ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति पश्चिम बंगाल के आसनसोल में घटना स्थल का दौरा करेगी और अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को सौंपेगी।'
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पार्टी ने जिन नेताओं को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में भेजने का निर्णय लिया है उसमें  राज्यसभा सांसद ओम माथुर, प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, सांसद रूपा गांगुली और बी.डी. राम के नाम शामिल हैं।'
 

 

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गुस्साए केंद्रीय मंत्री ने भीड़ से कहा- चमड़ी उधेड़वा लूंगा    

केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सांसद बाबुल सुप्रियो ने गुरुवार को कुछ लोगों को चमड़ी उधेड़ने की धमकी दी थी। मंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्र आसनसोल पहुंचे थे। यह क्षेत्र भी राज्य में निकाले गए राम नवमी जुलूस के बाद सांप्रदायिक हिंसा का शिकार हुआ है। सूत्रों के अनुसार सुप्रियो आसनसोल के कल्याणपुर में स्थित एक राहत कैंप की तरफ जा रहे थे जब पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

न्यूज चैनलों की क्लिप में दिख रहा है कि जब कुछ लोग सुप्रियो के पास पहुंचे तो उन्होंने कहा- क्या मैंने आपसे लड़ने को कहा? मैं चला जाऊंगा। लेकिन आप मुश्किल में आ जाएंगे।

मगर जब एक शख्स ने उन्हें वापस जाने और उन्हें अकेला छोड़ने के लिए कहा तो सुप्रियो चिल्लाते हुए कहते हैं- तुम्हारी चमड़ी उधेड़वा लूंगा। जब इस बारे में सांसद से पूछा गया तो उन्होंने कहा- वहां पर टीएमसी के दो-तीन शरारती तत्व मौजूद थे जो माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे।

मैंने अपने वाहन को रोका जब दो वृद्ध महिलाएं रो रही थीं। वह मुझसे मिलना चाहती थी और पुलिस द्वारा उस इलाके में कार्रवाई ना करने के बारे में बताना चाहती थी। शरारती तत्वों ने उन्हें धक्का दिया। पुलिस को शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने मुझे निशाना बनाया। मैंने चमड़ी उधेड़वा लूंगा वाला बयान शरारती तत्वों के लिए गुस्से में आकर कहा था।

सुप्रियो ने कहा- स्थानीय सासंद होने की वजह से यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं मुसीबत से जूझ रहे लोगों की मदद करूं लेकिन पुलिस ने बिना किसी कारण मुझे उनसे मिलने से रोक दिया।

सुबह से मैं वरिष्ठ पुलिस और जिला अधिकारियों से बात करने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन उनके पास मुझसे मिलने का समय नहीं है। रैपिड एक्शन फोर्स ने मुझे इस तरह घेर लिया था जैसे कि मैं कोई अपराधी हूं। जब लोग मुझसे अपने दुख को साझा करना चाहते हैं तो आप उन्हें कैसे रोक सकते हैं?

उन्होंने पश्चिम बंगाल के आईपीएस अधिकारी रुपेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। जिसमें उनका कहना है कि कई बार मैंने उनसे खुद को ना छूने के लिए कहा इसके बावजूद उन्होंने मुझे हेलमेल से मारा।
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