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भाजपा को रास नहीं आया अठावले का बयान, सरकार देगी नसीहत

Sun, 31 Jul 2016 09:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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गौरक्षा के नाम पर दलितों और महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी के मामले को लेकर बैकफुट पर चल रही भाजपा को केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का बयान रास नहीं आया है। ऐसे समय में जब पार्टी आलाकमान गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा की घटना को जल्द से जल्द भूलने की कोशिश में है, अठावले ने बयान देकर मामले को दोबारा हवा दे दी है।
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अपने बयान में उन्होंने सरकार पर गुस्सा भी दिखाया है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो जल्द ही सरकार की तरफ से भविष्य में उन्हें ऐसे बयानों से बचने की नसीहत दी जाएगी।

दरअसल गौरक्षा के नाम पर दलितों और महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी की घटनाओं को लेकर रामदास अठावले ने सरकार पर गुस्सा दिखाते हुए कहा कि गौरक्षा के साथ ही मानवों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि गौरक्षा के नाम पर मानवों की हत्या करना मुझे ठीक नहीं लगता।
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महाराष्ट्र में दलित राजनीति के लिए पहचाने जाने वाले नेता अठावले ने कहा कि सरकार दलितों की रक्षा की गारंटी दे। साथ भी उन्होंने यह भी कहा है कि हिंदू धर्म को मानने वाले गाय को मां मानते हैं, अगर गाय को मारा जाएगा तो मैं उसके खिलाफ खड़ा होऊंगा।

इसके बावजूद गौरक्षा के साथ ही मानव रक्षा सुनिश्चित करना होगा। अठावले का बयान ऐसे समय में आया है जब भगवा परिवार विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे सियासी आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए देश भर के 300 से ज्यादा बौद्धिक योद्धाओं को विशेष प्रशिक्षण दे रहा है। लेखकों के सम्मेलन में भी भाजपा नेताओं के बीच अठावले के बयान की चर्चा रही।

अठावले के बयान पर भाजपा गंभीर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करते हुए चार दलित नेताओं को शामिल किया था। इसी कवायद में अठावले का मंत्री बनने का नंबर आया था। मगर दलित वोटों को भाजपा के खाते में जोड़ने के बदले अठावले सरकार की ही मुश्किलें बढ़ाने में लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके बयान को भाजपा आलाकमान ने गंभीरता से लिया है।
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