कर्नाटक में मुस्लिम किसानों की जमीन को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताकर नोटिस भेजे गए थे। राज्य के विजयपुरा, कलबुर्गी, बीदर और शिवमोग्गा के किसानों ने जमीन को नोटिस मिलने की शिकायत की थी।
किसानों की जमीन को वक्फ की संपत्ति बताकर नोटिस भेजे जाने पर सोमवार को भाजपा ने पूरे राज्य में प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर भूमि जिहाद का आरोप लगाया। इस दौरान विपक्षी दल ने वक्फ मंत्री जमीर अहमद खान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की।
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पिछले दिनों कर्नाटक में मुस्लिम किसानों की जमीन को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताकर नोटिस भेजे गए थे। राज्य के विजयपुरा, कलबुर्गी, बीदर और शिवमोग्गा के किसानों ने जमीन को नोटिस मिलने की शिकायत की थी। नोटिस में उनकी जमीन को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताया गया। इसे लेकर भाजपा ने सिद्धारमैया सरकार को घेरा था। इसके बाद सिद्धारमैया ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे वक्फ भूमि मुद्दों से संबंधित किसानों को भेजे गए सभी नोटिस तुरंत वापस ले लें और इस बात पर जोर दिया कि किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
विजयपुरा के विधायक बासनगौड़ा पाटिल यत्नाल और केंद्रीय मंत्री शोभ करंदलाजे ने सोमवार को विजयपुरा के उपायुक्त कार्यालय के बाहर अनिश्चिकालीन धरना शुरू किया। विधायक बासनगौड़ा पाटिल ने कहा कि जब तक मुद़्दा सुलझ नहीं जाता, हम हार नहीं मानेंगे। मैं और शोभा करंदलाजे अनिश्चित कालीन अनशन पर रहेंगे। अगर हम सब मजबूत रहे तो हमारे किसानों और मठों की जमीनें हमारे पास रहेंगी। यह विरोध यहीं खत्म नहीं होगा। हम इसे पूरे कर्नाटक में उठाएंगे।
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बल्लारी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने सिद्धारमैया पर खान जैसे गद्दार के साथ साजिश रचने का आरोप लगाया और उन पर राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सिद्धारमैया को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है और वह ईमानदार हैं तो वे वक्फ भूमि पर अतिक्रमण करने वाले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करें।
वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता अशोक ने आरोप लगाया कि सीएम पर भरोसा नहीं किया जा सकता। राज्य के किसान उन पर भरोसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि बार-बार आप कर्नाटक को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे सिद्धारमैया पर कौन विश्वास करेगा? कोई भी किसान उन पर भरोसा नहीं करेगा। मंगलूरु, मैसूरु, बेलगावी, हुबली, विजयपुरा और दावणगेरे सहित अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए कुछ स्थानों पर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना पड़ा।