सोना तस्करी मामले में भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। भाजपा ने आरोप लगाया कि मामले में जो लोग आरोपी हैं वो सत्ता में मौजूद लोगों के खास हैं।
केंद्रीय मंत्री और केरल भाजपा के नेता वी मुरलीधरन ने कहा कि मुख्यमंत्री का नैतिक अधिकार खो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और केरल के लोग मांग कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री को पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
मुरलीधरन ने कहा कि राज्य की वाम सरकार ने पहले केंद्र से मामले की जांच का आदेश देने की मांग की थी और अब वह यह दावा करते हुए सीबीआई के खिलाफ अदालत का रुख कर रहे हैं कि एजेंसी को जांच करने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि सोना तस्करी में संलिप्त लोगों के सत्ता में बैठे लोगों के साथ कैसे संबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला सोना तस्करी के अन्य मामलों से अलग है क्योंकि यह सीधा मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा हुआ है।
मुरलीधरन ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विजयन इस मामले में अपना रुछ उस दिन से बदलते रहे हैं जब मामला दर्ज हुआ था आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने इस मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट कए जाने की कोशिशों का भी जिक्र किया।
केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन ने कहा कि यह मामला पांच जुलाई को केरल के तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर तस्करी कर लाए जा रहे 30 किलोग्राम सोने की जब्ती से संबंधित था। यह सोना संयुक्त अरब अमीरात के एक राजनयिक बैग में पाया गया था।
एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी), सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) इस मामले के विभिन्न एंगल की जांच कर रही हैं। एजेंसियों ने इस मामले में यूएई वाणिज्य दूतावास के दो पूर्व कर्मियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।