आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह गलत तरीके से मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवा रही है। पार्टी के मुताबिक सिर्फ एक लोकसभा क्षेत्र दक्षिणी दिल्ली से ही करीब एक लाख मतदाताओं का नाम सूची से काट दिया गया है। पार्टी को आशंका है कि पूरी दिल्ली में इसी तरह से भारी मात्रा में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पार्टी ने इस मामले की जांच की भी मांग की है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राघव चड्ढा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी को इस बात का एहसास हो गया है कि वह आने वाला 2019 का आम चुनाव हारने जा रही है, इसलिए अब जिन वोटों के उसे मिलने की आशंका न के बराबर है, उन्हें मतदाता सूची से हटाने का काम कर रही है।
चड्ढा के मुताबिक छतरपुर की मतदाता सूची में 14,000 मतदाताओं और तुगलकाबाद से पांच हजार मतदाताओं के नाम गायब है। इसके अलावा पिछले एक साल में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से दस हजार से अधिक मतदाताओं का नाम सूची से हटाया गया है। इससे जाहिर होता है कि यह 'खेल' कितने बड़े स्तर पर चल रहा है।
दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा कि किसी मतदाता सूची से नाम हटाने की एक प्रक्रिया होती है। नाम हटाने के पहले व्यक्ति को सूचित किया जाता है, उसके पते की जांच पड़ताल की जाती है, लेकिन इस मामले में कुछ भी नहीं किया जा रहा है जिसके कारण जिनका नाम कट रहा है वे कोई दावा भी नहीं कर पा रहे हैं।
भाजपा ने कहा, केजरीवाल की बौखलाहट
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह केजरीवाल की बौखलाहट है। चुनाव लड़ने से पहले ही उन्होंने हार मान ली है। आम आदमी पार्टी को पता होना चाहिए कि मतदाता सूची से किसी का नाम हटाने या कोई नाम जोड़ने का अधिकार चुनाव आयोग का होता है। आम आदमी पार्टी का यह आरोप देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने वाला है।