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मायावती की मुश्किल बढ़ाएगी भाजपा की दलित टीम

Tue, 07 Jun 2016 07:41 PM IST
शादाब रिजवी/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : file photo
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यूपी के 2017 के चुनावी रण भेदने के लिए भाजपा ने बसपा की घेराबंदी शुरू कर दी है। बसपा को उसके ठोस जनाधार दलितों में सेंध लगाकर पटखनी देने का प्लान भगवा ब्रिगेड का है। भाजपा के इस कदम से बसपा के सामने गैरजाटव दलितों को पार्टी से जोड़े रखना चुनौती होगा। बसपा ने भाजपा की दलित टीम के मुकाबले अपने कैडर को मैदान में उतार दिया है। बसपा ने अब विधानसभा क्षेत्र स्तर पर कैडर कैंप लगाकर राजनीतिक विरोधियों के बहकावे में नहीं आने का संदेश देना शुरू कर दिया। 
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बसपा के दलित वोटबैंक पर भाजपा की पैनी नजर है। भाजपा का दलितों को जाटव और गैरजाटव में बांटकर गैरजाटव को अपने पक्ष में करने का प्लान हैै। राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि जाटवों का बसपा से मजबूत रिश्ता है लेकिन भाजपा का मानना है कि अन्य गैरजाटव बाल्मीकि, खटीक, धोबी, भड़भूजा आदि को समझाकर हाथी से अलग किया जा सकता है। इस मिशन को पूरा करने के लिए भाजपा के निशाने पर आरक्षित सीट है।

दलित बाहुल्य गांवों में दलितों को बांटकर बसपा को कमजोर करने की गरज से भाजपा का विचार कुंभ लगाकर समरसता भोज करने का प्लान है। भाजपा ने अपने दलित सांसदों और दलित नेताओं को इस काम में लगाया है। बौद्ध भिक्षुओं को साथ लेकर धम्म चेतना यात्रा निकाली जा रही है।
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दलितों में बंटवारे की भाजपा की कोशिश की जानकारी मिलते ही बसपा सतर्क हो गई है। उसने अपने सभी विधानसभा क्षेत्रों मे कैैडर कैंप लगाने शुरू कर दिए। एक कैंप में कम से कम 300 से 350 कैडर वाले बूूथ प्रभारियों को बुलाकर समझाया जा रहा है कि वह अपने बूथों पर दलितों की बैठकें करें और भाजपा के दलित बंटवारे की कोशिश से सतर्क रहने की हिदायत दें। संदेश दे कि किसी के बहकावे में नहीं आए।

कैंपों  में बसपा के मंडल और जिला स्तरीय कोर्डगिनेटर मौजूद रहकर यह भी बता रहे हैैं कि सूबे की बागडोर एक बार फिर से बहनजी (मायावती) के हाथ में आने वाली है। इसलिए भाजपा समेत दूसरे दल दलितों में फूट डालने की साजिश अभी से करने लगे हैं। कैडर कैंप में बूथ प्रभारी का नाम,उसका मोबाइल नंबर और शैक्षणिक योग्यता तक का विवरण दर्ज किया जा रहा हैै। ये बूथ प्रभारी कितने दलितों से मिले, उन दलितों का रुख कैसा दिखा, इसकी जानकारी विधानसभा क्षेत्र अध्यक्षों के माध्यम से जोनल कोर्डिनेटरों को भेजी जा रही है।
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