संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लगातार पांचवें कामकाजी दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों की कार्यवाही बाधित रही । लोकसभा में प्रश्नकाल तो राज्यसभा में प्रशनकाल और शून्यकाल दोनों ही नहीं चल सका।
राफेल मामले पर राहुल गांधी से माफी की भाजपा सदस्यों की मांग, कांग्रेस सदस्यों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग तथा अलग-अलग मुद्दों पर अन्नाद्रमुक एवं तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक और फिर कल तक के लिये स्थगित कर दी गई ।
प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही कांग्रेस सदस्य राफेल मामले में जेपीसी के गठन की मांग और अन्नाद्रमुक सदस्य कावेरी नदी पर बांध का निर्माण रोकने की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के पास आ गए । वहीं,तेदेपा सदस्य भी आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए हाथो में तख्तियां लेकर आसन के पास आ गए ।
तो दूसरी तरफ सत्तारूढ़ भाजपा के सदस्य राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी की। उन्होंने ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाए। भाजपा सदस्यों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिन पर ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ लिखा हुआ था।
कांग्रेस सदस्य के हाथों में तख्तियां थी जिन पर ‘वी डिमांड जेपीसी’ लिखा हुआ था। हंगामा थमता नहीं देख उन्होंने कार्यवाही शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दी ।
बात करें तो राज्यसभा की तो राफेल विमान सौदा, कावेरी डेल्टा के किसानों की समस्याओं और आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग सहित अलग अलग मुद्दों पर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने राफेल विमान सौदे का मुद्दा उठाया और सरकार पर उच्चतम न्यायालय और संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरा देश सच जानना चाहता है।