दिल्ली की रामलीला मैदान में हुई आम आदमी पार्टी की महारैली में ये बातें सामने आईं। आप नेताओं ने कहा कि बदले हुए दौर में अब भाजपा और कांग्रेस ने भी इस फॉर्मूले को आजमाना शुरू कर दिया है। भाजपा किसानों को आर्थिक सहायता, मुफ्त आवास योजना, राशन योजना, पांच लाख रूपये तक के मुफ्त इलाज का वादा जैसे लोकलुभावन वादे कर केंद्र में दुबारा सत्ता में आने में कामयाब हुई तो कांग्रेस ने इसी तरह के वादों पर हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में बड़ी जीत हासिल की। अरविंद केजरीवाल ने खुद यह आरोप लगाया है कि भाजपा और कांग्रेस अब उनके वादों की नकल कर रहे हैं।
बड़ा प्रश्न है कि यदि भाजपा और कांग्रेस भी मुफ्त के वादों पर खुलकर राजनीति करने लगे हैं तो अरविंद केजरीवाल की राजनीति का क्या होगा? जनता किसके वादों पर भरोसा करेगी और क्या अब भी केजरीवाल भाजपा या कांग्रेस से कोई राज्य छीनने में कामयाब हो सकेंगे?
सत्ताधारी दल के वादे ज्यादा विश्वसनीय
राजनीतिक विश्लेषक संजय कुमार ने अमर उजाला से कहा कि जनता हमेशा सत्ताधारी दल के वादों पर ज्यादा भरोसा करती है। सत्ताधारी दल अपने शासनकाल के अंत में विभिन्न योजनाओं के नाम पर भारी पैसा खर्च कर जनता को अपने भरोसे में ले सकते हैं जिसका उन्हें चुनाव में भी लाभ मिलता है। केंद्र में भाजपा ने 2019 में सत्ता में आने के पहले इसी तरह किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रूपये की आर्थिक सहायता का दांव खेला था जो बहुत कारगर साबित हुआ।
इसी प्रकार दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में जनता ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर ज्यादा भरोसा किया जो उन्हें लगातार मुफ्त बिजली, पानी जैसी योजनाओं का लाभ दे रही थी। इसी चुनाव में भाजपा ने महिलाओं को स्कूटी, छात्रों को लैपटॉप जैसे बड़े वादे किये, कांग्रेस ने 600 यूनिट मुफ्त बिजली और आर्थिक सहायता देने की घोषणा की, लेकिन जनता ने उनका भरोसा नहीं किया। जनता यह भी देखती है कि कौन राजनीतिक दल उन वादों को पूरा करने में सक्षम है।
हमेशा नहीं काम करता यह दांव
संजय कुमार ने कहा कि, लेकिन कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश चुनाव परिणाम ने बता दिया है कि यदि जनता किसी मुद्दे पर आक्रोशित होती है तो सत्तारूढ़ दल का बड़ा वादा भी काम नहीं आता है। भाजपा ने इन राज्यों में बड़े वादों का पिटारा भी खोला था, लेकिन जनता ने उनका भरोसा नहीं किया। यह बताता है कि सत्ता हासिल करना केवल मुफ्त के वादों के बल पर संभव नहीं है। यह तभी कारगर साबित होता है जब अन्य कारण भी किसी दल के साथ में हों।
दिल्ली-पंजाब में आप तो दूसरे राज्यों में भाजपा-कांग्रेस को लाभ संभव
जाहिर है इन वजहों से यह संभव है कि दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी को बढ़त हासिल हो और भाजपा और कांग्रेस को उसे चुनौती देने में परेशानी का सामना करना पड़े। लेकिन जिन राज्यों में भाजपा और कांग्रेस पहले से बड़े खिलाड़ी के रूप में सत्ता या विपक्ष में मौजूद हैं, वहां आम आदमी पार्टी को अपनी जड़ें जमाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि आम आदमी पार्टी जिन वादो के दम पर अपनी राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं, उन्हीं वादों को देने के लिए वहां पहले से ही बड़े दल मौजूद होंगे।
सभी दल हमारी नकल कर रहे हैं: आप
आम आदमी पार्टी नेता जावेद अहमद ने कहा कि यह बहुत अच्छा है कि दूसरे दल भी अब हमारी नकल कर रहे हैं। इसके बहाने उन्हें भी जनता की भलाई के लिए काम करना पड़ रहा है। लेकिन हमारी राजनीति केवल मुफ्त की योजनाओं के बल पर नहीं चल रही है। हमने दिल्ली-पंजाब में भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने में सफलता पाई है और जनता हमारा विश्वास कर रही है और बार-बार हमारा समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हेंं पूरी उम्मीद है कि यह समर्थन आगे भी जारी रहेगा।
केजरीवाल ने जनता को भ्रमित किया: भाजपा
भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने मुफ्त का लालच दिखाकर जनता को भ्रमित कर दिया। लोगों को मुफ्त बिजली-पानी की रेवड़ी दी, जबकि अपने लिए 45 करोड़ रूपये से राजमहल बनवा लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह आम आदमी पार्टी का शराब घोटाला सामने आया है, जनता का उन पर से भरोसा खत्म हो गया है और अरविंद केजरीवाल को अब कोई सफलता नहीं मिलने वाली है।