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यूपी चुनाव से पहले भाजपा का मंथन: नितिन नवीन ने राष्ट्रीय महासचिवों के साथ की बैठक, संगठन के कामकाज पर चर्चा

Thu, 29 Oct 2026 02:50 PM IST
पवन पांडेय पीटीआई, नई दिल्ली

सार

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिवों के साथ बैठक की। इसमें बीएल संतोष, स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े और सुनील बंसल समेत कई नेता शामिल हुए। इस बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों, आगामी कार्यक्रमों और पार्टी की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
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नितिन नवीन ने राष्ट्रीय महासचिवों के साथ की बैठक, - फोटो : X@NitinNabin
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिवों के साथ बैठक की। इसमें संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों और आने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा हुई। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष, स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े और सुनील बंसल समेत अन्य नेता शामिल हुए। इस बैठक के बाद नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
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इससे पहले बुधवार को नितिन नवीन ने भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत दिल्ली के चांदनी चौक में एक मार्च का नेतृत्व किया। यह मार्च ऐसे समय में निकाला गया, जब एसआईआर को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों ने 'वोट चोरी' के आरोप लगाए हैं। सत्ताधारी पार्टी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करके विपक्ष के अभियान का जवाब देने की कोशिश की है।
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इसी प्रयास के तहत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को चांदनी चौक में मार्च का नेतृत्व किया। उन्होंने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'कांग्रेस-आई' (जिसे पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने जनवरी 1978 में बनाया था) का मतलब 'कांग्रेस-इंदिरा' नहीं, बल्कि 'इटैलियन कांग्रेस' है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस की चुनावी हार को नागरिकों द्वारा किया गया शुद्धिकरण करार दिया।

बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चार राज्यों में 28 सीटों पर हुए एमएलसी चुनावों ने कांग्रेस को करारा झटका दिया, जबकि भाजपा के लिए यह मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ। हालांकि, कुछ मजबूत गढ़ों में मिली हार ने भाजपा की इस जीत की चमक को थोड़ा फीका भी कर दिया।

माना जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष ने महासचिवों के साथ अगले साल कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की बहुआयामी रणनीति पर चर्चा की। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' गठबंधन द्वारा एसआईआर से जुड़ी कथित अनियमितताओं और "वोट चोरी" के आरोपों को लेकर चलाए जा रहे आक्रामक अभियान का मुकाबला करने के लिए भी एक रणनीति तैयार की।
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