नई दिल्ली में रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी का 99वां जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक हवन का आयोजन किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
हवन के बाद सुबह 10:45 से 11 बजे तक आडवाणी के जीवन सफर और उनके प्रमुख भाषणों पर आधारित करीब 20 मिनट की वीडियो प्रस्तुति दिखाई जानी थी। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रम को संबोधित करने की उम्मीद जताई गई।
नितिन नवीन ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लालकृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने आडवाणी के संगठन को मजबूत करने और राष्ट्रवादी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाने में योगदान को याद किया। नितिन नवीन ने लिखा कि जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक संगठन के विस्तार में आडवाणी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को जन आंदोलन बनाने में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आडवाणी की ईमानदारी और संगठन के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता भाजपा के हर कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी। नितिन नवीन ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी की।
पीएम मोदी ने आडवाणी के योगदान पर लिखा लेख
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी के 99वें जन्मदिन पर भारत के लिए उनके योगदान को याद करते हुए एक लेख लिखा। इसमें उन्होंने विभाजन, आपातकाल, रथयात्रा और भाजपा के गठन व विस्तार में आडवाणी की भूमिका का जिक्र किया। पीएम मोदी ने एक्स पर लेख साझा करते हुए बताया कि 1947 में युवा आडवाणी को सिंध में अपना घर-बार छोड़ने का दर्द झेलना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने बिना किसी कड़वाहट के अपना जीवन दोबारा बनाया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, यही गुण जनसंघ को मजबूत करने और भाजपा के निर्माण में भी दिखाई दिया। पीएम ने लिखा कि आडवाणी के भाजपा अध्यक्ष रहने के दौरान 1989 में कांग्रेस की सीटें 400 से घटकर 200 से नीचे आ गई थीं। वहीं, 1996 में भाजपा पहली बार लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने कई पीढ़ियों के कार्यकर्ताओं को तैयार किया और पार्टी को 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांत पर मजबूत आधार दिया।
यहां पढ़ें पूरा लेख...
1942 में RSS से जुड़े थे आडवाणी
- लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है।
- वह 1942 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से स्वयंसेवक के रूप में जुड़े थे।
- भारतीय राजनीति में उनकी अहम भूमिका रही है। आडवाणी तीन बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
- उनका पहला कार्यकाल 1986 से 1990, दूसरा 1993 से 1998 और तीसरा 2004 से 2005 तक रहा।
- 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद वह पार्टी के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाले नेता हैं।
- उन्होंने 1999 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में काम किया।
- इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में 2002 से 2004 तक उपप्रधानमंत्री रहे।
भारत रत्न से सम्मानित हो चुके हैं आडवाणी
देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए लालकृष्ण आडवाणी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मार्च 2024 में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया था।