पार्टी सूत्रों का कहना है कि बिहार और महाराष्ट्र की तुलना में उत्तर प्रदेश में सहयोगियों की नाराजगी का कारण अलग है। अपना दल जहां राज्य सरकार से हो रही कथित उपेक्षा दूर करना चाहती है तो वहीं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ओबीसी आरक्षण कोटे में कोटा बहाल करना चाहती है। बुधवार को राज्य के प्रवास पर जा रहे अमित शाह 8 फरवरी तक लगातार सूबे का दौरा करेंगे।
इसी क्रम में उनकी योजना अपने दोनों सहयोगियों से बातचीत कर मतभेद दूर करने की है। हालांकि राजभर ओबीसी कोटे में कोटा केलिए जिस सामाजिक न्याय समिति की सिफारिश लागू कराना चाहते हैं, वह पूरी तरह से भाजपा की राजनीति के मुफीद नहीं है। दरअसल इसमें ए कटेगरी में डाल कर जिन जातियों को 7 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की गई है, उनमे पार्टी और सहयोगी अपना दल की समर्थक कुर्मी और जाट बिरादरी भी शामिल है।