भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को मंहेद्र सिंह को त्रिपुरा की चुनाव प्रभारी बनाया है। महेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के पूर्व मंत्री हैं।
पार्टी ने अपने एक ट्वीट में कहा, त्रिपुरा के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने डॉ. महेंद्र सिंह को पार्टी का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद और भाजपा एसटी मोर्चा के प्रभारी समीर उरांव को सह-प्रभारी बनाया गया है।
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने पार्टी के इस फैसले का स्वागत किया है। देब को हाल ही में राज्यसभा सांसद के रूप में चुना गया था। उन्होंने अपने ट्वीट किया और राज्य में भारी जीत दर्ज करने का भरोसा जताया।
देब ने कहा, हम सब मिलकर राज्य में फिर से भारी जीत दर्ज कर भाजपा की सरकार बनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने विकास की दृष्टि से त्रिपुरा को आगे ले जाने के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक संबित पात्रा ने डॉ. महेंद्र सिंह और समीर उरांव को बधाई दी। हाल ही में भाजपा की सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के एक विधायक ने इस्तीफा देकर भाजपा को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने कुछ दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष रतन चक्रवर्ती को अपना इस्तीफा सौंपा है। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव 2023 की पहली तिमाही में होने की संभावना है।
2018 में भाजपा अपनी सहयोगी पार्टी आपीएफटी के साथ त्रिपुरा की सत्ता में आई थी। इससे इस पूर्वोत्तरी राज्य में 25 वर्षों से चल रहा वाम शासन समाप्त हो गया। 2018 में 60 विधानसभा सीटों में से भाजपा 36 पर बहुमत हासिल करने में सफल रही थी, जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी को 8 सीटों पर सफलता मिली थी। हाल के इस्तीफों के बाद आईपीएफटी के पास कुछ छह विधायक हैं।
वहीं भाजपा को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी और त्रिपुरा की क्षेत्रीय पार्टी टिपरा मोथा के 35 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना है।