बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

शहर चुनें

कर्नाटक का 'किंग' कौन?: आज नए सीएम के नाम का एलान, विधायक दल की बैठक में लगेगी अंतिम मुहर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 27 Jul 2021 12:30 PM IST

सार

कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा का उत्तराधिकारी कौन होगा इसपर जारी सियासी सस्पेंस आज खत्म हो जाएगा। शाम सात बजे विधायक दल की बैठक के बाद नए सीएम के नाम की घोषणा की जाएगी। राज्य के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई और खनन मंत्री एमआर निरानी को नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है।
विज्ञापन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान आज देर शाम हो जाएगा। बीएस येदियुरप्पा ने सोमवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है। शाम सात बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसी बैठक में नए मुख्यमंत्री का नाम तय होगा। येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद से ही राज्य के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई और खनन मंत्री एमआर निरानी को नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जी कृष्ण रेड्डी को पर्यवेक्षक बनाया गया है। दोनों नेता बंगलूरू पहुंच गए हैं।  इसके अलावा कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह भी बंगलूरू रवाना हो चुके हैं।  
विज्ञापन


26 जुलाई को ही कर्नाटक की भाजपा सरकार को दो साल पूरे हुए हैं। अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य का अगला सीएम कौन होगा। कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री की रेस में बसराज बोम्मई और एमआर निरानी के अलावा कई नामों की चर्चा है। उनमें केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि, बी एल संतोष और राज्य विधानसभा के अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी शामिल हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री सीएन अश्वत्थ नारायण के नाम भी चर्चा में हैं।


येदियुरप्पा की लिंगायत समुदाय में अच्छी पकड़ 
पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष पहले से ही बेंगलुरू में डेरा डाले हुए हैं और पार्टी नेताओं से बैठकें कर रायशुमारी कर रहे हैं। येदियुरप्पा कर्नाटक के प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से आते हैं। ऐसी चर्चा है कि लिंगायत समुदाय के ही किसी प्रभावशाली नेता को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपने पर भाजपा में विचार चल रहा है।

येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं। येदियुरप्पा की इस समुदाय पर मजबूत पकड़ है। यह समुदाय 1990 से भाजपा का समर्थक रहा है। कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से 90 से 100 सीटों पर लिंगायतों का प्रभाव है। यानी राज्य की कुल आबादी में इस समुदाय की 17 फीसदी हिस्सेदारी है। राज्य में 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं और येदियुरप्पा की लिंगायत समुदाय में अच्छी पैठ है। ऐसे में उनके इस्तीफे के बाद भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस समुदाय को साधने की होगी। 

सोमवार को येदियुरप्पा ने दिया इस्तीफा
येदियुरप्पा ने सोमवार को मुख्यमंत्री के रूप में अपने दो साल का कार्यकाल पूरा किया। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से राजभवन में मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया।
विज्ञापन

Latest Video

Recommended

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।