केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए कहा, गांधी परिवार की भगवान श्रीराम के वंश से तुलना करना उनका अहंकार है। राहुल गांधी को अयोग्य ठहराने के विरोध में हुई रैली में प्रियंका ने कहा था, वे (भाजपा) हम पर वंशवाद का आरोप लगाते हैं...तो फिर भगवान राम क्या थे? प्रियंका के बयान पर पूछे सवाल के जवाब में अनुराग ठाकुर ने कहा, हे प्रभु! गांधी परिवार और भगवान श्रीराम की तुलना से दुर्भाग्यपूर्ण कुछ भी नहीं हो सकता। एक परिवार जो खुद को भारतीय लोकतंत्र, संसद और पूरे देश से ऊपर मानता है, वह अब अपनी बराबरी भगवान श्रीराम से कर रहा है। इन भाई-बहन का अहंकार पूरा देश देख रहा है।
सावरकर नहीं बन सकते राहुल
राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए ठाकुर ने कहा, राहुल चाहें जो कर लें सावरकर नहीं बन सकते, क्योंकि सावरकर कभी साल के छह महीने छुट्टियां मनाने विदेश नहीं जाते थे। न ही उन्होंने विदेशियों से अपने देश के लिए मदद मांगी थी। वे भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने व आंदोलन के लिए ब्रिटेन गए थे।
कांग्रेस को अदालतों पर विश्वास नहीं
ठाकुर ने कहा, राहुल गांधी और कांग्रेस ओबीसी समुदाय का अपमान करते रहे हैं। क्या कांग्रेस पार्टी ने अदालतों पर विश्वास करना बंद कर दिया है? राहुल गांधी का अहंकार ऐसा है कि उन्होंने ओबीसी समुदाय से या अदालत में माफी नहीं मांगी। वह कोर्ट के फैसले मानने को तैयार नहीं हैं।
नाटक छोड़ कांग्रेस को गंभीर आत्मचिंतन की जरूरत
वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल की अयोग्यता के खिलाफ प्रदर्शनों पर पलटवार करते हुए सोमवार को कहा, कांग्रेस को नाटक छोड़कर गंभीर आत्मचिंतन करने की जरूरत है। उन्हें यह सोचना चाहिए कि राजनीति और कानूनी तंत्र में क्या स्वीकार्य है। पुरी ने कहा, आप औचित्य का दायरा समझते हैं। राजनीतिक व्यवस्था, कानूनी व्यवस्था में क्या स्वीकार्य है यह भी जानते हैं। उन्हें (राहुल गांधी) एक अदालत ने दोषी ठहराया है जिसके बाद कानून के हिसाब से सभी प्रक्रियाएं अपने आप शुरू हुईं। उसके बाद इस सब नाटक की क्या जरूरत है? देश के लोग उनके प्रति इसी आधार पर धारणा बनाएंगे जो वे हैं।
अदाणी मुद्दे पर जांच क्यों नहीं, इतना डर क्यों
उधर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अदाणी मुद्दे को लेकर फिर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि कंपनी के खिलाफ कई आरोप लगाए जाने के बाद भी अदाणी समूह में लोगों के सेवानिवृत्ति कोष के निवेश की जांच क्यों नहीं की गई। राहुल ने ट्वीट किया कि एलआईसी की पूंजी, अदाणी को! एसबीआई की पूंजी, अदाणी को! ईपीएफओ की पूंजी भी, अदाणी को! उन्होंने लिखा कि ‘मोदाणी’ के खुलासे के बाद जनता के सेवानिवृत्ति का पैसा अदाणी की कंपनियों में निवेश क्यों किया जा रहा है? प्रधानमंत्री, न जांच, न जवाब! आखिर इतना डर क्यों?