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CBSE तीन-भाषा नियम: 'कक्षा 9 में लागू फैसला गलत, पढ़ाई का दबाव बढ़ेगा'; BJP नेता अन्नामलाई का केंद्र पर वार

Tue, 26 May 2026 05:43 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, चेन्नई

सार

सीबीएसई के तीन-भाषा नियम को लेकर विवाद बढ़ गया है। भाजपा नेता अन्नामलाई ने कक्षा 9 के लिए इस नए आदेश को वापस लेने की मांग की है और छात्रों पर दबाव की बात कही है।
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भाजपा नेता के अन्नामलाई - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता के. अन्नामलाई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से अपील की है कि सीबीएसई द्वारा कक्षा 9 के छात्रों के लिए लागू किए गए नए तीन-भाषा नियम को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है और शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।

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CBSE के नए आदेश पर बढ़ा विवाद
हाल ही में सीबीएसई ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा था कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा पढ़ना अनिवार्य होगा। इसमें यह भी कहा गया था कि दो भाषाएं भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। यह निर्णय पहले तय समय-सीमा 2029-30 से पहले लागू किया जा रहा है, जिससे कई राज्यों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

अभिभावकों और छात्रों पर बढ़ेगा दबाव: अन्नामलाई
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि यह निर्णय खासकर तमिलनाडु जैसे राज्यों के छात्रों के लिए चौंकाने वाला है, क्योंकि उन्होंने पहले ही कक्षा 6 में अपनी भाषा का चयन कर लिया था। उन्होंने कहा कि इतनी कम समय-सीमा में छात्रों पर एक नई भाषा थोपना उनके सीखने की क्षमता और मानसिक दबाव दोनों को प्रभावित कर सकता है।
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पहले के फैसले का हवाला
भाजपा नेता ने यह भी बताया कि अप्रैल 2026 में सीबीएसई ने जब कक्षा 6 के लिए तीन-भाषा नीति की घोषणा की थी, तब उन्होंने इसका स्वागत किया था। उस समय यह भी स्पष्ट किया गया था कि कक्षा 9 में यह नियम 2029-30 से लागू होगा। लेकिन अब नए आदेश के तहत इसे जल्दी लागू करना पहले के आश्वासन के खिलाफ है।

शिक्षा मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप की मांग
अन्नामलाई ने शिक्षा मंत्रालय से आग्रह किया है कि इस नोटिफिकेशन को तुरंत वापस लिया जाए और पहले तय की गई 2029-30 की समय-सीमा का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति का उद्देश्य बच्चों पर बोझ डालना नहीं, बल्कि उन्हें बहुभाषी और सक्षम बनाना होना चाहिए।

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