विधानसभा में प्रदर्शन करते कांग्रेस विधायक।
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कांग्रेस विधायकों ने दिया धरना
विधायक के निलंबन के बाद कांग्रेस विधायक काले बैज पहनकर विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए। उन्होंने बहिनीपति पर निलंबन आदेश वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया। बीजद सदस्य अरुण कुमार साहू ने निलंबन की निंदा की और पूछा कि भाजपा सदस्य सदन के वेल में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक का कॉलर कैसे पकड़ सकते हैं? बीजेपी सदस्यों ने कांग्रेस विधायकों पर भी हमला किया। हमने सदन में ऐसी घटना कभी नहीं देखी। विपक्ष विधानसभा में क्या करेगा? क्या वे सरकार की निष्क्रियता का विरोध नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि बीजद विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को स्पीकर से मिलेगा। हम स्पीकर से तटस्थ रहने का आग्रह करेंगे। साहू ने कहा कि अध्यक्ष ने बहिनीपति के निलंबन पर फैसला देने से पहले 17 भाजपा विधायकों को सुना, लेकिन किसी भी विपक्षी सदस्य की नहीं सुनी। यह घोर अन्याय है।
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भाजपा विधायकों ने दिया जवाब
भाजपा सदस्य अशोक मोहंती ने कहा कि कांग्रेस सदस्य द्वारा सीमा पार करने के बाद अध्यक्ष ने कार्रवाई की। कांग्रेस विधायक अध्यक्ष के आसन पर चढ़ गए, मंत्री की सीट पर पहुंचे और सदन में जवाब देने के दौरान उन्हें परेशान किया। शहरी विकास मंत्री केसी महापात्रा ने कहा कि मैंने बहिनीपति से कहा कि आप एक वरिष्ठ सदस्य हैं और मैं अध्यक्ष के निर्देशानुसार सदन में जवाब दे रहा हूं। मैं अध्यक्ष के निर्देश की अवहेलना नहीं कर सकता। इसके बजाय उन्होंने मेरा माइक्रोफोन तोड़ने का प्रयास किया।
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