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Karnataka: धर्मस्थल सामूहिक कब्र विवाद पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने, BJP प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल पर पहुंचा

Sun, 17 Aug 2025 01:19 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मस्थल

सार

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए धर्मस्थल का दौरा किया और धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े का आशीर्वाद लिया। विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा को आरोपों की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पर कोई आपत्ति नहीं है। 
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कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक के धर्मस्थल सामूहिक कब्र विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पिछले दो दशकों में धर्मस्थल क्षेत्र हुईं कथित हत्याओं, दुष्कर्मों और शवों को दफनाने की शिकायत को लेकर खुदाई चल रही है। 
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए इष्टदेव मंजूनाथ स्वामी और अन्नप्पा स्वामी को श्रद्धांजलि देने के लिए धर्मस्थल का दौरा किया और धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े का आशीर्वाद लिया। विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा को आरोपों की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने धर्मस्थल के बारे में झूठा प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने धर्मस्थल मामले में राज्य सरकार द्वारा एसआईटी जांच का कभी विरोध नहीं किया था। लेकिन अब मुद्दा यह है कि जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश गुंड राव ने कहा है कि वामपंथी समूहों के दबाव के कारण राज्य सरकार को एसआईटी गठित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्वयं धर्मस्थल प्रकरण के पीछे एक बड़ी साजिश को स्वीकार किया है। 
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विजयेंद्र ने कहा कि हम इस एसआईटी जांच में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते, लेकिन एसआईटी जांच के दौरान धर्मशाला मंजूनाथ स्वामी और अन्नप्पा स्वामी मंदिर के खिलाफ सोशल मीडिया पर खूब झूठा प्रचार किया जा रहा है। हम राज्य सरकार, हमारे मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मांग करते हैं कि वे इस दुष्प्रचार को गंभीरता से लें और उचित जांच करें।

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता कोई भी हो। इस शिकायत के पीछे की सच्चाई और इसके पीछे काम करने वाले लोगों और इस पूरे प्रकरण में काम करने वाली ताकतों की जांच होनी चाहिए, क्योंकि इस झूठे प्रचार के कारण लाखों श्रद्धालुओं को ठेस पहुंची है, उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। अभी तक कुछ भी ठोस सामने नहीं आया है। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के एसआईटी गठित करने के बाद से या जब से जांच शुरू हुई है, इस मंदिर के करोड़ों श्रद्धालु दुष्प्रचार के कारण आहत हुए हैं। इसलिए राज्य सरकार से हमारी मांग है कि इस दुष्प्रचार को गंभीरता से लिया जाए और उचित जांच की जाए। इसी सिलसिले में हमने धर्मस्थल का दौरा किया। भाजपा को पहले दिन से ही राजनीति में कोई रुचि नहीं थी।

डीके शिवकुमार ने किया पलटवार
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भाजपा के दौरे को राजनीति से प्रेरित बताया। शिवकुमार ने कहा कि भाजपा की धर्मस्थल यात्रा एक राजनीतिक यात्रा है। यह न तो धर्म-यात्रा है, न ही धर्मस्थल के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए है और न ही हिंदू धर्म से संबंधित है, बल्कि यह सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा है। जब एसआईटी का गठन हुआ तो भाजपा चुप क्यों रही? जब भाजपा ने धर्मस्थल के खिलाफ साजिश रची तो हिंदू मंच को क्यों बढ़ावा दिया? लेकिन अब वे धर्मस्थल के पक्ष में बोल रहे हैं।
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