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चुनावी रणनीति की व्यस्तता ने अमित शाह को रखा योग दिवस से दूर, हफ्तेभर रहेंगे दौरों पर

Thu, 21 Jun 2018 08:04 PM IST
हरेन्द्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देहरादून में करीब 55 हजार लोगों के साथ योग किया, तो वहीं तमाम केन्द्रीय मंत्री को देश के अलग-अलग जिलों में योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन इन सब के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह किसी भी योग कार्यक्रम में हिस्सा लेते नजर नहीं आए। जब पूरी दुनिया योग कर रही थी, तब भाजपा अध्यक्ष 2019 के चुनावों की रणनीति बनाने में व्यस्त थे।

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चौथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनियाभर में काफी धूमधाम से मनाया गया। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान परिसर में 55 हजार से ज्यादा लोगों के साथ योगासन करते नजर आए। वहीं मोदी कैबिनेट के 59 केन्द्रीय मंत्री देश के अलग-अलग जिलों में योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेते दिखे। लेकिन इस सब के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने योग कार्यक्रमों से दूरी बना कर रखी। 

भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि शाह के योग कार्यक्रम में हिस्सा न लेने को नकारात्मक तरीके से न देखा जाए। उन्होंने बताया कि 10 करोड़ 80 लाख कार्यकर्ताओं वाली दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष की तमाम जिम्मेदारियां हैं और यह साल चुनावी साल है और उन्हें तमाम तरह की चुनावी रणनीति बनानी हैं। सूत्रों के मुताबिक शाह इन दिनों दिल्ली प्रवास पर हैं और उनके आने वाले पूरे हफ्ते में देश में कई राज्यों का दौरा करना है और तमाम बैठकें करनी हैं, जिसकी तैयारी के लिए वक्त चाहिए होता है। 
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जहां थे मुख्य अतिथि, वहां भी नहीं पहुंचे

सूत्रों का कहना है कि कोटा में राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बाबा रामदेव के साथ शाह भी न्यौता दिया था, लेकिन चुनावी रणनीति बनाने के चलते उन्होंने स्वीकृति नहीं दी। वहीं योग दिवस पर भाजपा मुख्यालय के सामने वाले पार्क में योग कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें अमित शाह को बतैर मुख्य अतिथि शामिल होना था, लेकिन वहां संगठन महामंत्री रामलाल, पार्टी महासचिव अरुण सिंह, केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन, पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा, उप मीडिया प्रभारी संजय मयूख, कार्यालय प्रमुख महेन्द्र पांडे समेत तमाम नेता पहुंचे, लेकिन अमित शाह शामिल नहीं हुए। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि शाह ने इस कार्यक्रम में भी शामिल होने की स्वीकृति ही नहीं दी। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी नजदीकी रामलाल को कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भेज दिया और लोकसभा चुनावों की तैयारियों में व्यस्त रहे। 

2 दिन का 'दिल्ली प्रवास' कार्यक्रम

पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष के आगामी पूरा हफ्ता दौरों वाला है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह इन दिनों 2 दिन के दिल्ली प्रवास पर हैं, जहां उन्होंने बुधवार को दिल्ली भाजपा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर रणनीति तैयार की, जिसके बाद शाम को वह एक टीवी चैनल के कॉन्क्लेव में शामिल हुए। 

सूत्रों ने बताया कि योग दिवस के दिन गुरुवार को वह पूरे दिन कार्यालय में रहे और लोकसभा की तैयारियों के सिलसिले में वह अलग-अलग वर्गों से मिले। वहीं उन्होंने भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। इसके बाद शाम को उनका एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में सोशल मीडिया के 10 हजार फॉलोअर्स वाले करीब 350 टेक सैवी युवा भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रबल समर्थकों से मिलने का कार्यक्रम है। जिसके बाद भावी चुनावी रणनीति पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, दिल्ली भाजपा के कोर ग्रुप सदस्यों के साथ दिल्ली के सातों सांसदों से भी मुलाकात होनी है। 
 

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22 जून को हरियाणा पर मंथन

सूत्रों के मुताबिक 22 जून शुक्रवार को अमित शाह नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में हरियाणा प्रदेश भाजपा की निगरानी कमेटी के साथ मौजूदा 10 भाजपा सांसदों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, हरियाणा मामलों के प्रभारी डॉ. अनिल जैन के अलावा सीएम मनोहर लाल खट्टर, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला और संगठन मंत्री सुरेश भट्ट विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इसके अलावा इस बैठक में हरियाणा से तीन केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर के साथ-साथ प्रदेश के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी शामिल होंगे।

23 जून को जम्मू

वहीं 23 जून को अमित शाह का जम्मू का कार्यक्रम है। पीडीपी गठबंधन से अलग होने के बाद यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। भाजपा 23 जून को 'मुखर्जी बलिदान दिवस' मना रही है। जहां वे राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक डॉ. अनीरबन गांगुली के साथ सुबह 11 बजे जम्मू पहुंचेंगे। वहीं शाह का जम्मू के परेड ग्राउंड में भाजपा कार्यकर्ताओं की रैली को भी संबोधित करने का भी कार्यक्रम है। इसके अलावा वे प्रजा परिषद आंदोलन पर आधारित पुस्तक के लोकापर्ण के साथ जम्मू कन्वेंशन सेंटर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 65वें शहीदी दिवस पर बुद्धिजीवी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। 

24 जून को देहरादून

सूत्रों का कहना है कि 24 जून शनिवार को पार्टी अध्यक्ष का देहरादून दौरा है, जहां वे  लोकसभा चुनाव और सांगठनिक कार्यक्रमों के संबंध में सांसदों, विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और मोर्चा व प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की बैठक लेंगे। उत्तराखंड में इसी साल नगर निकाय चुनाव भी होने है। ऐसे में शाह का यह दौरा कई मायनों में अहम है। 

25-26 जून को अहमदाबाद दौरा

सूत्रों ने बताया कि 1975 में लगे आपातकाल के खिलाफ भाजपा हर साल काला दिवस मनाती है और इस बार अमित शाह उस दौरान गुजरात में होंगे। 25 जून को वे अहमदाबाद में होने वाले चिंतन शिविर में हिस्सा लेंगे। वहीं 26 जून को शाह मेंटीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट, 1971 (मीसा) कानून में गिरफ्तार लोगों का 'मीसा वासी' कार्यक्रम के तहत उनका अभिनंदन करेंगे। 

27-28 जून को पश्चिमी बंगाल

पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 27 जून को दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंच रहे हैं, जहां वे दो दिनों तक राज्य में पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे और कई कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। सूत्रों ने बताया कि 27 जून को अमित शाह कोलकाता में बंकिम चंद्र चटोपाध्याय की जयंती के मौके पर कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और बुद्धिजीवियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे टीएमसी को मात देने की रणनीति पर भाजपा आईटी सेल के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में भी शामिल होंगे। इस दिन वो कोलकाता में ही रुकेंगे और अगले दिन सुबह पुरुलिया दौरे पर जाने से पहले 51 शक्तिपीठों में से एक तारापीठ में जाकर देवी के दर्शन करेंगे। वीरभूम जिले में तारापीठ में पूजा के बाद शाह यहां भी बूथ स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक करेंगे। 
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