तमिलनाडु में भाजपा-अन्नाद्रमुक गठबंधन का एलान शुक्रवार शाम गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गठबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उम्मीद जताई जा रही है कि यह गठबंधन अगले साल के तमिलनाडु चुनाव से पहले एक मजबूत कैडर और मतदाता आधार तक पहुंच सुनिश्चित करेगा। हालांकि, 2021 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन के सामने यह गठजोड़ कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सका था, लेकिन एक अहम बात यह है कि यह गठबंधन भाजपा को राज्यसभा में बढ़त दिला सकता है। राज्यसभा में अन्नद्रमुक के चार सांसद हैं। ऐसे में भाजपा को उच्च सदन में गणितीय बढ़त मिलती है। इससे भाजपा संसद में और मजबूत हो सकती है।
गैर-गठबंधन दल भी भाजपा के लिए हो सकते हैं फायदेमंद
राज्यसभा में ओडिशा की बीजद और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी भी कई मौकों पर भाजपा का साथ देती नजर आई है। दोनों ही दलों के पास सात-सात सांसद हैं। वक्फ के दौरान दोनों में से किसी ने भी अपने सदस्यों को एक विशेष तरीके से मतदान करने का निर्देश देने वाला व्हिप जारी नहीं किया था।
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