सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोरोना मामले में गठित पीएम केयर्स फंड को मिली हरी झंडी के बाद भाजपा और मोदी सरकार ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर चौतरफा हमला बोला है। पार्टी ने राहुल पर कोरोना के खिलाफ जारी जंग को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, यह फंड पारदर्शी है। मोदी सरकार पूरी ईमानदारी से काम करती आ रही है, उसे जनता का भी आशीर्वाद मिलता है।
यही ईमानदारी पीएम केयर्स फंड में भी दिखाई देती है। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, ऐसी बातें पहले सामने आ चुकी हैं कि किस तरह से पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में एनडीआरएफ का पैसा राजीव गांधी फाउंडेशन को दिया गया था। इसके अलावा चीन से भी राजीव गांधी फाउंडेशन को मदद मिली थी।
प्रसाद ने कहा, कोविड-19 जैसी आपातकालीन स्थितियों के लिए पीएम केयर्स फंड पंजीकृत सार्वजनिक ट्रस्ट है, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, ये कोविड-19 जैसी आपातकाल स्थितियों के लिए बनाया गया है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राहुल गांधी ने पहले दिन से देश की एकता को कमजोर करने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश के डॉक्टर-नर्स, सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मचारी जैसे कोरोना वॉरियर्स के सम्मान में ताली बजाई जाए, इसका भी राहुल गांधी ने मजाक बनाया।
नड्डा बोले आपदा राहत कोष को बनाया निजी संपत्ति
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पीएम केयर्स फंड पर सवाल उठा रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि गांधी परिवार ने पीएम आपदा राहत कोष को दशकों तक व्यक्तिगत संपत्ति के रूप में संचालित किया। इस कोष में आई रकम का अपने परिवार से जुड़े ट्रस्टों के लिए उपयोग किया। देश को हकीकत पता है। राहुल शुरू से ही मोदी सरकार और भाजपा के खिलाफ साजिश रचने के लिए झूठे अभियानों और मनगढ़ंत तथ्यों का सहारा लेते रहे हैं।-जेपी नड्डा, भाजपा अध्यक्ष
सच की विजय: जावड़ेकर
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सच की विजय हुई है और झूठ की पराजय हुई है। पीएम केयर्स फंड में देश की जनता ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने क्षमता के अनुसार पैसे जमा किए हैं। इसके खिलाफ कांग्रेस
ने मुहिम चलाई, यह जनता का अपमान है।-प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री
पारदर्शिता पर तमाचा है : खेड़ा
सुप्रीम कोर्ट का फैसला रकम को सार्वजनिक करने की मांग और सवाल उठाने वालों पर नहीं, बल्कि पारदर्शिता पर तमाचा है। प्रधानमंत्री यह बताने से क्यों डर रहे हैं कि पीएम केयर में कहां से कितनी रकम आई किसने दी और कहां खर्च की गई? यह क्यों नहीं बताते कि चीन की किन कंपनियों ने फंड दिया? प्रधानमंत्री फंड के ट्रस्टी हैं इस तरह देश का पैसा छुपाकर या दबाकर नहीं रख सकते हैं।-पवन खेड़ा, कांग्रेस प्रवक्ता