बीजू जनता दल (बीजद) ने आरोप लगाया है कि सरकार ने वित्त स्थाई समिति को काले धन पर तीन रिपोर्ट्स को इसमें शामिल सदस्यों के साथ साझा करने से रोक दिया है। बता दें कि इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद वीरप्पा मोइली हैं। सोमवार को लोकसभा में अंतरिम बजट पर चर्चा के दौरान बीजद सांसद भर्तृहरि महताब ने यह आरोप लगाया।
महताब ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने लोकसभा के विशेषाधिकार हनन की आड़ में सूचना के अधिकार के तहत भी यह रिपोर्ट सार्वजनिक किये जाने पर रोक लगा दी है। महताब ने सवाल किया कि अध्यक्ष पर ये रिपोर्टें सदस्यों के साथ साझा करने पर भी रोक लगाने के पीछे सरकार का उद्देश्य क्या है?
गौरतलब है कि ये रिपोर्ट्स वर्ष 2011 में यूपीए सरकार ने दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (एनआईपीएफपी) व नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) और फरीदाबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट (एनआईएफएम) के माध्यम से तैयार करवाई थी। ये रिपोर्ट्स सरकार को क्रमश: 30 दिसंबर 2013, 18 जुलाई 2014 और 21 अगस्त 2014 को ही प्राप्त हो गई थीं।