फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीजद एमपी ने कहा- संसद में खराब हुए समय के लिए वापस करेंगे अपना वेतन

Sun, 18 Dec 2016 07:51 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : ANI
विज्ञापन
नोट बंदी के फैसले पर हंगामे के कारण संसद के शीतकालीन सत्र के पूरी तरह धुल जाने से व्यथित बीजेडी के सांसद जय पांडा ने वेतन और भत्ता नहीं लेने की घोषणा की है। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि संसद में काम नहीं होने की स्थिति में सांसद को वेतन-भत्ता हासिल करने का नैतिक हक नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी हंगामा होने पर वह संबंधित दिन का वेतन लेने से परहेज करते आए हैं। गौरतलब है कि इस सत्र के दौरान हंगामे से नाराज भाजपा के वयोवृद्घ सांसद लालकृष्ण आडवाणी और शांता कुमार ने हंगामा करने वाले सांसदों का वेतन काटने का सुझाव दिया था।

पांडा ने कहा कि चूंकि शीत सत्र में कोई कामकाज नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने इस अवधि का वेतन और भत्ता नहीं लेने का फैसला किया है। बकौल पांडा देश की सबसे बड़ी पंचायत पर देश की उ मीदों का बोझ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हंगामे में एक बार भी भागीदारी नहीं की

- फोटो : ANI
संसद सार्थक चर्चा और लोगों की समस्या के निराकरण का रास्ता तलाशने की जगह है। हालांकि, उन्होंने हंगामे में एक बार भी भागीदारी नहीं की, इसके बावजूद चूंकि काम नहीं हुआ तो उन्हें लगा कि वेतन-भत्ता हासिल करने का उन्हें कोई हक नहीं है।

गौरतलब है कि संसद के शीत सत्र की 21 बैठकों में लोकसभा में महज 19 घंटे तो राज्यसभा में महज 22 घंटे ही कामकाज हुआ। इस दौरान एक भी मुद्दे पर चर्चा नहीं हो सकी। हंगामा और कार्यवाही न चलने पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी नाराजगी का इजहार करते हुए सांसदों से भगवान का हवाला देते हुए संसद चलाने की अपील की थी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें