उत्तर प्रदेश के कानपुर के चिड़ियाघर में मरे कुछ परिंदों में बर्ड फ्लू वायरस पाए जाने के बाद यहां अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने इसकी जानकारी दी। जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने रविवार को बताया कि चिड़ियाघर में कुछ मरे हुए परिंदों में बर्ड फ्लू का वायरस पाए जाने के बाद जिले में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि चिड़ियाघर के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमण जोन घोषित किया गया है तथा इस सीमा के अंदर सभी कुक्कुट फार्म पर अभियान चलाकर संक्रमण के संदेह में आने वाली मुर्गी-मुर्गों को नष्ट किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने जिले की चिकन तथा अंडे की सभी दुकानों को अगले आदेश तक बंद रखने के लिये कहा है। साथ ही मुर्गे-मुर्गियों तथा गैर-प्रसंस्कृत कुक्कुट मांस की खेप के कानपुर जिले की सीमा में दाखिले पर एहतियातन पाबंदी लगा दी गई है।
10 किलोमीटर में घेराबंदी, कोविड-19 जैसा ही प्रोटोकॉल
जिलाधिकारी ने बताया कि कानपुर चिड़ियाघर के 10 किलोमीटर के दायरे की अनिश्चित काल तक घेराबंदी करने का फैसला किया गया है। तिवारी ने बताया कि बर्ड फ्लू के लिए भी बचाव का वही प्रोटोकॉल लागू किया गया है जो कोविड-19 के लिए है।
अपर जिला अधिकारी (नगर) अतुल कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू को और अधिक फैलने से रोकने के लिए जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। चिकन की दुकानों की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं। नष्ट किए जाने वाले परिंदों के निस्तारण के लिए समुचित इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने मुर्गे-मुर्गियों तथा जंगली एवं प्रवासी पक्षियों में असामान्य तौर पर बीमारी फैलने या उनकी मौत होने की घटनाओं पर कड़ी नजर रखने के लिए एक परामर्श जारी किया है।
आठ पक्षियों को चिड़ियाघर के अंदर ही दफना दिया
कानपुर नगर के जिला वन अधिकारी (डीएफओ) अरविंद यादव ने बताया कि शनिवार को दो जल मुर्गों के नमूनों का परीक्षण कराया गया और वायरस का लक्षण मिलने के बाद सतर्कता बरती गई है। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुरूप सात जल मुर्गों समेत आठ पक्षियों को चिड़ियाघर के अंदर ही दफना दिया गया है।
यादव के मुताबिक 41 मुर्गे और मुर्गी में फ्लू का लक्षण दिखने पर सरकार की गाइड लाइन के अनुसार उनका भी निस्तारण कर दिया गया है। डीएफओ ने कहा कि अभियान और क्षेत्र में निगरानी बनाए रखने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।
गौरतलब है कि गत छह जनवरी को कानपुर चिड़ियाघर में कुछ परिंदे मृत पाए गए थे। भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लेबोरेटरी की जांच में उनमें बर्ड फ्लू वायरस पाया गया था। उसके बाद से कानपुर चिड़ियाघर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रविवार को पोंग बांध वन्यजीव अभयारण्य में 215 प्रवासी पक्षी मृत पाए गए, जिससे संदिग्ध रूप से एवियन इंफ्लूएंजा से मरने वाली ऐसी चिड़ियों की संख्या बढ़कर 4,235 हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
सोलन जिले में भी लगातार चौथे दिन बड़ी संख्या में मृत मुर्गे-मुर्गियां चंडीगढ़-शिमला राजमार्ग के किनारे फेंके पाए गए। सुरक्षा मानकों के मुताबिक इन पक्षियों के अवशेषों को जमीन में दफना दिया गया और नमूनों को जांच के लिये जालंधर की प्रयोगशाला में भेजा गया है।
राजस्थान में रविवार को 428 और पक्षियों की मौत के बाद राज्य में अब तक उनकी मौत का आंकड़ा बढ़कर 2,950 पहुंच गया है। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को 428 पक्षियों की मौत हुई, जिनमें 326 कौवे, 18 मोर, 34 कबूतर और 50 अन्य पक्षी शामिल हैं। राज्य में अब तक कुल मृत पक्षियों 2,950 में सबसे अधिक कौवे (2,289), 170 मोर और 156 कबूतर शामिल हैं।
मध्यप्रदेश : 13 जिलों से नमूने जांच के लिए भेजे
मध्य प्रदेश के 13 जिलों के कौवों के नमूनों में बर्ड फ्लू के एच5एन8 प्रकार का संक्रमण पाया गया है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि राज्य में अब तक 13 जिलों - इंदौर, मंदसौर, आगर मालवा, नीमच, देवास, उज्जैन, खंडवा, खरगौन, गुना, शिवपुरी, राजगढ़, शाजापुर एवं विदिशा में कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 9 जनवरी तक 27 जिलों से लगभग 1100 कौओं एवं जंगली पक्षियों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है।
महाराष्ट्र के लातूर में अहमदपुर इलाके के 10 किलोमीटर के क्षेत्र को अलर्ट जोन घोषित किया गया है, जहां पर गत दो दिन में 128 मुर्गियों सहित 180 पक्षी मृत पाए गए हैं। लातूर के जिलाधिकारी पृथ्वीराज बीपी ने रविवार को बताया कि पक्षियों की मौत की वजह का पता नहीं चला है लेकिन एहतियातन यहां से 265 किलोमीटर दूर केंद्रवाड़ी गांव के आसपास अलर्ट जोन घोषित किया गया है।
लातूर जिला प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक अलर्ट जोन का अभिप्राय है कि उस इलाके में किसी भी वाहन की आवाजाही, पोल्ट्री, पक्षी, पशु, चारा और खाद आदि की ढुलाई प्रतिबंधित रहेगी।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य सरकार बर्ड फ्लू से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। एवियन इन्फ्लूएंजा के डर के बीच गुजरात के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों पक्षी मरे हुए पाए गए हैं और पशु पालन विभाग के कर्मचारी जांच के लिए नमूने जमा कर रहे हैं। जूनागढ़ पशु पालन विभाग के उप निदेशक एसएन वघासिया ने बताया कि पिछले नौ दिन में गिर सोमनाथ के चिखली गांव के एक मुर्गीपालन फार्म में 18 मुर्गियां मरी हुई पाई गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि डांग जिले के वघाई में कुछ तीन दर्जन कौए मृत मिले हैं। इतनी ही संख्या में कच्छ के भीमासार गांव में भी मृत मिले हैं। राजकोट के गोंडाल तालुक में कुछ टिटिहरियों के कंकाल मिले हैं जबकि वडोदरा में कई कबूतर मृत पाए गए।
हरियाणा के पंचकूला जिले के दो कुक्कुट फॉर्म में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने नौ त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए हैं और दोनों ही केंद्रों पर रोकथाम का अभियान जारी है। गुजरात के सूरत जिले और राजस्थान के सिरोही जिले में कौए और वन्य पक्षियों के नमूनों में एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है।
बयान में कहा गया कि इसके अलावा कांगड़ा जिले (हिमाचल प्रदेश) से 86 कौओं तथा दो बगुलों की असामान्य मौत की खबरें आई हैं। इसमें कहा गया कि नाहन, बिलासपुर और मंडी (हिमाचल प्रदेश) से भी जंगली पक्षियों की असामान्य मौत की खबरें आई हैं और नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं।
विभाग ने प्रभावित राज्यों को संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए परामर्श जारी किए हैं। बयान के मुताबिक कि अभी तक सात राज्यों (केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश) से बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।
केंद्र ने कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र के नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है जिन्हें प्रयोगशाला में भेजा गया है। केरल के दोनों प्रभावित जिलों में नियंत्रण और रोकथाम का काम पूरा कर लिया गया है। राज्य को अभियान के बाद निगरानी कार्यक्रम संबंधी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इस बीच, प्रभावित इलाकों में हालात पर निगरानी के लिए गठित केंद्रीय दल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
केरल में नौ जनवरी को एक केंद्रीय दल पहुंचा और वह प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है। एक अन्य केंद्रीय दल 10 जनवरी को हिमाचल प्रदेश पहुंचा तथा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर रहा है। केंद्र ने राज्यों से जनता के बीच जागरुकता फैलाने तथा एवियन इन्फ्लुएंजा के बारे में गलत सूचनाएं फैलने से रोकने को कहा।
बयान में कहा गया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से जलाशयों, पक्षी बाजारों, चिड़ियाघरों, कुक्कुट फॉर्म आदि के आसपास निगरानी बढ़ाने, मृत पक्षियों के उचित निस्तारण तथा कुक्कुट फॉर्मों में जैव-सुरक्षा को मजबूत करने का अनुरोध किया गया है।