वर्तमान स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि संयुक्त राष्ट्र वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के 2030 के लक्ष्य को इस स्थिति में पूरा नहीं किया जा सकता, जिसमें कम से कम 30 प्रतिशत भूमि को संरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था।
जैव विविधता को लेकर जारी की गई एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया के अधिकांश देश 2020 तक कम से कम 17 प्रतिशत भूमि संरक्षित करने के वैश्विक लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहे हैं। यह रिपोर्ट 40 देशों से सामने आए आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्तमान स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि संयुक्त राष्ट्र वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क के 2030 के लक्ष्य को इस स्थिति में पूरा नहीं किया जा सकता, जिसमें कम से कम 30 प्रतिशत भूमि को संरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था। बता दें, 2010 में जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में करीब 200 देशों ने अपने देश की कम से कम 17 प्रतिशत भूमि को संरक्षित करने का संकल्प लिया था।
40 प्रतिशत देश ही पूरा कर पाए टारगेट
ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार रिपार्ट में संरक्षित क्षेत्रों प्रस्तुत आधिकारिक रिपोर्टों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया गया। कम्युनिकेशंस बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल 40 प्रतिशत एशियाई देशों ने 17 प्रतिशत भूमि संरक्षण के लक्ष्य को हासिल किया है।
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एशिया का सबसे खराब प्रदर्शन
रिपोर्ट में कहा गया है विश्व में एशिया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला महाद्वीप था, जिसमें केवल 13.2 प्रतिशत भूमि को संरक्षित किया गया, जो वैश्विक औसत 15.2 प्रतिशत संरक्षण की तुलना में कम है। एशियाई देशों में केवल 40 प्रतिशत यानी 16 देशों ने इस लक्ष्य को हासिल किया 2020 तक 17 प्रतिशत के लक्ष्य को पूरा किया था।