फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BIMSTEC: PM मोदी के नेतृत्व में बिम्सटेक को मिल रही नई गति, एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए समूह भारत पर निर्भर

Sat, 05 Apr 2025 05:00 AM IST
निर्मल कांत ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

BIMSTEC: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बिम्सटेक को नई दिशा और रफ्तार मिली है। भारत इस संगठन के लिए रीढ़ बनकर उभरा है, जो न सिर्फ सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों का नेतृत्व करता है, बल्कि एक्ट ईस्ट नीति के जरिए दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ गहरे संबंध भी स्थापित कर रहा है।
विज्ञापन
छठे बिम्सटेक सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिम्सटेक को नई गति मिल रही है। इसकी स्थापना भले 1997 में हुई थी लेकिन इस समूह को असली गति 2016 के बाद मिली जब प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में गोवा में ‘लीडर्स रिट्रीट’ के लिए बिम्सटेक देशों को आमंत्रित करने की विशेष पहल की। इसके बाद, उन्होंने इस समूह को मजबूत करने और इसके माध्यम से बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में क्षेत्रीय सहयोग पर व्यक्तिगत और विशेष ध्यान दिया है।

विज्ञापन


2019 में, उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों के प्रमुखों को आमंत्रित किया। बिम्सटेक समूह अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भारत के नेतृत्व पर निर्भर है। पीएम मोदी के नेतृत्व में पड़ोस पहले नीति, एक्ट ईस्ट नीति, महासागर विजन और हिन्द-प्रशांत के लिए विजन ब्रिक्स समूह को अतिरिक्त गतिशीलता प्रदान करता है। 

बिम्सटेक के कार्य क्षेत्र को सात
खंडों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें प्रत्येक देश एक का नेतृत्व करता है। भारत सुरक्षा क्षेत्र का नेतृत्व करता है। अन्य क्षेत्र हैं: व्यापार, निवेश और विकास (बांग्लादेश), पर्यावरण और जलवायु (भूटान), कृषि और खाद्य सुरक्षा (म्यांमार), जन-जन के बीच संपर्क (नेपाल), विज्ञान और प्रौद्योगिकी और नवाचार (श्रीलंका), कनेक्टिविटी (थाईलैंड)।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: PM Modi: श्रीलंका में आज राष्ट्रपति दिसानायके संग वार्ता करेंगे पीएम मोदी; विभिन्न क्षेत्रों में होंगे 10 समझौते

आयोजनों में हमेशा सक्रिय भारत
भारत के नेतृत्व में, बिम्सटेक ने लोगों के बीच आपसी संबंधों और क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए गतिविधियों में तेजी देखी है। हाल ही में की गई कुछ गतिविधियां इस प्रकार हैं-

  • फरवरी 2024 में दिल्ली में बिम्सटेक एक्वेटिक चैंपियनशिप
  • अगस्त 2024 में दिल्ली में बिजनेस समिट
  • नवंबर 2024 में कटक में बाली यात्रा में बिम्सटेक सांस्कृतिक मंडली की भागीदारी
  • फरवरी 2025 में सूरजकुंड मेले में मंडप
  • फरवरी 2025 में अहमदाबाद में बिम्सटेक युवा शिखर सम्मेलन
  • फरवरी 2025 में दिल्ली में युवाओं के नेतृत्व में जलवायु परिवर्तन सम्मेलन
  • फरवरी 2024 में बिम्सटेक-भारत समुद्री अनुसंधान नेटवर्क का शुभारंभ

एक्ट ईस्ट नीति से रिश्ते मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति में एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हमेशा अहम योगदान रहा है। 1992 में शुरू की गई लुक ईस्ट पॉलिसी का मुख्य ध्यान दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के साथ आर्थिक संबंधों पर था।दुनिया की बदलती गतिशीलता के साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में भारत की विदेश नीति में एक नया जोश भर दिया। उन्होंने लुक ईस्ट पॉलिसी को और अधिक गतिशील एक्ट ईस्ट पॉलिसी (एईपी) के साथ बदल दिया, जिसमें मजबूत कार्रवाई और परिणामों पर जोर दिया गया। पीएम मोदी ने खुद रिश्ते मजबूत करने के लिए इन पड़ोसी देशों की कई यात्राएं की हैं। इन यात्राओं में सिंगापुर की यात्राओं ने फिनटेक सहयोग मजबूत किया, इंडोनेशिया की उनकी तीन यात्राओं से भारत ने अपने समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार किया।

विज्ञापन


2017 में पीएम मोदी 36 वर्षों में फिलीपींन का दौरा करने वाले पहले पीएम बने। इससे आसियान में भारत की भूमिका मजबूत हुई। 2024 में ब्रुनेई की यात्रा किसी भारतीय पीएम की यहां पहली यात्रा थी। उन्होंने म्यांमार, मलयेशिया, थाईलैंड, लाओट और वियतनाम की यात्राएं भी की हैं। nप्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, आसियान के साथ भारत का व्यापार लगभग दोगुना हो गया है। 2016-17 में 71 अरब डॉलर से बढ़कर 2024 तक 130 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें