फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Bimal Patel: इन मशहूर इमारतों को बना चुके हैं नए संसद भवन के वास्तुकार बिमल पटेल, जानें इनके बारे में सबकुछ

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sun, 28 May 2023 08:20 AM IST

सार

बिमल हसमुख पटेल तीन दशकों के अनुभव के साथ एक जाने माने वास्तुकार हैं। उन्हें शहरी डिजाइन और योजना का विशेषज्ञ माना जाता है। नए संसद भवन के साथ काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसी देश में पूरी हो चुकी और जारी कुछ अहम परियोजनाओं के पीछे भी इन्हीं का नाम है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
वास्तुकार बिमल हसमुख पटेल - फोटो : SOCIAL MEDIA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के नए संसद भवन का उद्घाटन किया। यह निर्माण कार्य सेंट्रल विस्टा रि-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है। नए संसद भवन को गुजरात से आने वाले दिग्गज वास्तुकार बिमल पटेल द्वारा डिजाइन किया गया है। देश में पूरी हो चुकी और जारी कुछ अहम परियोजनाओं के पीछे भी इन्हीं का नाम है। बिमल ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को भी डिजाइन किया है।

 
विज्ञापन

वास्तुकार बिमल हसमुख पटेल - फोटो : SOCIAL MEDIA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के नए संसद भवन का उद्घाटन किया। यह निर्माण कार्य सेंट्रल विस्टा रि-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है। नए संसद भवन को गुजरात से आने वाले दिग्गज वास्तुकार बिमल पटेल द्वारा डिजाइन किया गया है। देश में पूरी हो चुकी और जारी कुछ अहम परियोजनाओं के पीछे भी इन्हीं का नाम है। बिमल ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को भी डिजाइन किया है।

 

कौन हैं बिमल पटेल?
बिमल हसमुख पटेल तीन दशकों के अनुभव के साथ एक जाने माने वास्तुकार हैं। उन्हें शहरी डिजाइन और योजना का विशेषज्ञ माना जाता है। बिमल वर्तमान में अहमदाबाद में सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (CEPT) विश्वविद्यालय के अध्यक्ष हैं। बिमल साल 2012 से इस विश्वविद्यालय नेतृत्व कर रहे हैं। इसके साथ ही वह एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख हैं, जिसकी स्थापना उनके पिता हसमुख सी पटेल ने 1960 में की थी। हसमुख पटेल भी एक प्रतिष्ठित वास्तुकार थे, जिन्होंने कई प्रतिष्ठित इमारतों को डिजाइन किया था।
 

अहमदाबाद से हुई स्कूली शिक्षा 
बिमल पटेल ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, अहमदाबाद में की। बिमल ने 1984 में CEPT, अहमदाबाद से आर्किटेक्चर में डिप्लोमा प्राप्त किया। उन्होंने 1988 में आर्किटेक्चर में मास्टर और सिटी प्लानिंग में मास्टर और 1995 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से सिटी एंड रीजनल प्लानिंग में पीएचडी प्राप्त की। बिमल 1990 में अपने पिता हसमुख पटेल की कंपनी से जुड़ गए। 1996 में, बिमल ने एनवायरनमेंटल प्लानिंग कोलैबोरेटिव (ईपीसी) की स्थापना की, जो एक गैर-लाभकारी परामर्श और नीति-अनुसंधान संगठन है।

डिजाइनिंग के क्षेत्र में बड़ा नाम, पद्म समेत कई पुरस्कार मिले  
डॉ बिमल पटेल ने अपने काम के जरिए कई पुरस्कार भी जीते हैं। उनके काम और उनकी परियोजनाओं को आगा खान अवार्ड फॉर आर्किटेक्चर (1992), वर्ल्ड आर्किटेक्चर अवार्ड (1997), यूएन सेंटर फॉर ह्यूमन सेटलमेंट्स अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस (1998), आर्किटेक्चर रिव्यू हाई कमेंडेशन अवार्ड (2001) सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। शहरी योजना और डिजाइन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार (2003) और हडको डिजाइन पुरस्कार (2013) भी उन्हें हासिल हुआ। उन्हें 2019 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

New parliament building - फोटो : Agency
संसद, राजपथ पुनर्विकास के लिए 229 करोड़ का सौदा मिला
बिमल पटेल की एचसीपी डिजाइन्स ने सेंट्रल विस्टा परियोजना के लिए परामर्श बोली जीती थी। उनकी फर्म को नई संसद सहित महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए परामर्श सेवाओं के लिए 229.75 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। पटेल की फर्म द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में परियोजना के लिए मास्टर प्लान तैयार करना और इसमें शामिल संरचनाओं का डिजाइन, लागत अनुमान, यातायात एकीकरण, पार्किंग सुविधाएं और परिदृश्य शामिल हैं। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले साल दी थी।
 

काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
कौन-कौन से प्रोजेक्ट पर काम कर चुके चुके हैं?
उन्होंने पूरे भारत में आवासीय, संस्थागत, वाणिज्यिक, आवास, औद्योगिक और शहरी डिजाइन और शहरी नियोजन परियोजनाओं की एक श्रृंखला पर काम किया है। बिमल की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में आगा खान अकादमी हैदराबाद, अहमदाबाद प्रबंधन संघ, भुज विकास योजना और टाउन प्लानिंग योजनाएं (भूकंप के बाद), सीजी रोड पुनर्विकास, कांकरिया झील विकास, साबरमती रिवरफ्रंट विकास और स्वर्णिम संकुल, उद्यमिता विकास संस्थान, गुजरात उच्च न्यायालय, हिम्मतनगर नहरफ्रंट विकास, आईआईएम अहमदाबाद नया परिसर शामिल हैं। इसके अलावा बिमल ने प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को भी डिजाइन किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next