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Winter Session 2025: जीएसटी मुआवजा उपकर की जगह नया सेस, लोकसभा में दो अहम बिल पेश करने की तैयारी में सरकार

Sun, 30 Nov 2025 07:52 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Winter Session 2025: सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार दो नए बिल पेश करने वाली है। इनका संबंध तंबाकू, पान मसाला और अन्य हानिकारक उत्पादों पर लगने वाले टैक्स से है। इस कदम से सरकार को स्वास्थ्य और सुरक्षा योजनाओं के लिए लगातार अतिरिक्त राजस्व मिलता रहेगा, जबकि उपभोक्ताओं और कंपनियों पर टैक्स बोझ लगभग पहले जैसा ही रहेगा।
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शीतकालीन सत्र - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में दो महत्त्वपूर्ण बिल पेश करने जा रही है, जिनका संबंध तंबाकू, पान मसाला और अन्य हानिकारक उत्पादों पर लगने वाले टैक्स से है। इन बिलों के जरिए सरकार मौजूदा जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर को बदलकर नई टैक्स व्यवस्था लागू करना चाहती है, ताकि टैक्स की कुल राशि पहले जैसी बनी रहे।
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कौन से बिल पेश होंगे?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को लोकसभा में दो बिल पेश करेंगी। जिसमें पहला केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 शामिल हैं।

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किन उत्पादों पर लागू होंगे ये बिल?
पहला - तंबाकू और सिगरेट- इन पर अब जीएसटी के साथ एक्साइज ड्यूटी लगेगी, जिससे क्षतिपूर्ति उपकर की जगह ली जाएगी। दूसरा - पान मसाला और अन्य उत्पाद- इन पर नया 'स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक' लगाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे टैक्स ढांचा बदलेगा, लेकिन ग्राहक और कंपनियों पर टैक्स का बोझ पहले जैसा ही रहेगा।

क्यों खत्म हो रहा है क्षतिपूर्ति उपकर?
2017 में जीएसटी लागू होने पर राज्यों के नुकसान की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति उपकर लगाया गया था। पहले इसे पांच साल के लिए (2017-2022) लागू किया गया था, लेकिन कोविड के दौरान राज्यों को भुगतान के लिए केंद्र सरकार को कर्ज लेना पड़ा, इसलिए इसे बढ़ाकर मार्च 2026 तक कर दिया गया। अब सरकार का कहना है कि कर्ज की पूरी भरपाई दिसंबर 2025 तक हो जाएगी, इसलिए क्षतिपूर्ति उपकर खत्म किया जाएगा।

क्षेत्र के लिए इसका क्या मतलब?
टैक्स ढांचे में बदलाव होगा, लेकिन टैक्स की मात्रा या दाम में बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य है कि स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए अतिरिक्त राजस्व मिलता रहे।
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क्या हैं जीएसटी की दरें?
तंबाकू और पान मसाला पर वर्तमान में 28% जीएसटी लागू है। इसके ऊपर क्षतिपूर्ति उपकर अलग से लग रहा था, जिसे अब ये नए बिल बदल देंगे। सरकार चाहती है कि क्षतिपूर्ति उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू, पान मसाला जैसे उत्पादों पर टैक्स कम न हो। इसलिए अब नई व्यवस्था लागू की जा रही है।

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