फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Railways: बिहार को मिलेगी एक ओर वंदे भारत मेट्रो, पटना से चलेगी; इन दो में किसी एक शहर को मिलेगी सौगात

Fri, 23 May 2025 03:17 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पटना-जयनगर नमो भारत ट्रेन की शुरुआत पिछले महीने ही हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को वर्चुअल तरीके से हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया था। पटना से जयनगर के बीच सप्ताह में 6 दिन यह ट्रेन चल रही है। पहले इसका नाम वंदे मेट्रो था।
विज्ञापन
Vande Bharat Metro - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार एक के बाद एक बिहार के लोगों को चुनावी सौगात दे रही है। इसी कड़ी में बिहारवासियों को  एक ओर रूट पर नमो भारत (वंदे मेट्रो) ट्रेन चलाई जा सकती है। इसके लिए भारतीय रेलवे तैयारियां कर रहा है। रेलवे पटना से गयाजी या बक्सर के लिए नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि अभी इन दोनों रूट पर इस ट्रेन के परिचालन की फिजिबिलिटी देखी जा रही है। इससे पहले केंद्र सरकार ने पटना से मधुबनी जिले के जयनगर तक बिहार की पहली नमो भारत ट्रेन शुरू की है। अब राजधानी पटना से एक नए शहर के लिए यह ट्रेन चलाने की तैयारी हो रही है। इस बीच रेल मंत्री भी दो दिन के प्रवास के लिए बिहार की राजधानी पटना पहुंचे है। वे अगले दो दिन रेलवे के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, जयनगर के लिए चलने वाली नमो भारत ट्रेन का रैक 8 घंटे तक पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर खड़ा रहता है। यह ट्रेन सुबह 10 बजे पटना पहुंच जाती है और शाम 6 बजे के आसपास जयनगर के लिए रवाना होती है। इस बीच इस ट्रेन को खाली समय में किसी अन्य शहर के लिए चलाने की मांग रहे है। ऐसे में रेलवे पटना से बक्सर और गयाजी, इन दोनों मार्गों पर नमो भारत ट्रेन के परिचालन की अवधि देखा रहा है।  दानापुर रेल मंडल के एडीआरएम आधार राज ने कहा कि दोनों मार्गों में से जिस मार्ग पर चलाना सुगम और अनुकूल होगा, वहां नमो भारत ट्रेन चलाई जाएगी। हालांकि इसका अंतिम फैसला रेलवे बोर्ड लेगा।

दरअसल, पटना-जयनगर नमो भारत ट्रेन की शुरुआत पिछले महीने ही हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को वर्चुअल तरीके से हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया था। पटना से जयनगर के बीच सप्ताह में 6 दिन यह ट्रेन चल रही है। पहले इसका नाम वंदे मेट्रो था। इसका किराया 85 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 340 रुपये है। नमो भारत ट्रेन को कम दूरी वाले शहरों के बीच चलाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन है। यह ट्रेन जयनगर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, मोकामा और पटना को जोड़ रही है. बिहार में चलाई जाने वाली नमो भारत ट्रेन गुजरात के बाद दूसरी ट्रेन है।
विज्ञापन


बक्सर, आरा के करीब 500 से अधिक यात्रियों को होगा फायदा
रेलवे सूत्रों का कहना है कि, इस ट्रेन का बक्सर तक चलाया जा सकता है। क्योंकि रेलवे इस ट्रेन को बक्सर से जयनगर तक चलता है तो दोनों महत्वपूर्ण स्टेशन आरा व बक्सर के करीब 500 से अधिक यात्रियों सफर कर सकते हैं। जयनगर से पटना के बीच चलाई जाने वाली नमो भारत ट्रेन में कुल 16 कोच हैं। जरूरत पड़ने पर दो कोच और बढ़ाये जा सकते हैं। वर्तमान में इन कोचों में दो हजार से अधिक यात्री एक साथ यात्रा कर रहे हैं।

रेलमंत्री पहुंचे बिहार, मिल सकती है सौगात
रेलमंत्री गुरुवार देर रात वो पटना पहुंचे। रेल मंत्री शुक्रवार सुबह पटना से मुंगेर के लिए स्पेशल सैलून से रवाना हुए। सुबह 11 बजे उनका रेल इंजन कारखाना जमालपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहें। रेल मंत्री ने कहा,आज हमने एक्शन प्लान बनाया है। जमालपुर में 4 विषयों पर सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनेंगे। वेल्डिंग, बीमेट्रिक्स, हाइड्रोलिक्स, मेकाट्रोनिक्स की डेटेलिंग की गई है। किस तरह का मटेरियल लगेगा, कैसे ट्रेनिंग होगी। इसकी पूरी डिटेलिंग की गई है। अब जल्द इस पर आगे का काम किया जाएगा। रेल कर्मियों के अलावा युवाओं को कौशल विकास के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बहुत फोकस करके आने वाले 10-12 महीनों में पहला बैच लिया जाएगा। किस तरह से एक-एक इक्युपमेंट लाना है, उसका मेंटेनेंस कैसे होगा। उनकी ट्रेनिंग कैसे होगी। वो सारी व्यवस्था यहां होगी।

17 साल पहुंचा कोई रेल मंत्री
शुक्रवार सुबह रेल मंत्री देश और एशिया के पहले जमालपुर रेल कारखाने में पहुंचे। उन्होंने 78 करोड़ की लागत से बनने वाले वैगन मरम्मत कारखाने का शिलान्यास किया। इसके बनने से हर महीने 545 से 800 वैगन की मरम्मत की जा सकेगी। रेलमंत्री इस कारखाने के अंदर करीब डेढ़ घंटे तक रहे। यहां उन्होंने अलग-अलग वर्कशॉप का निरीक्षण किया। कर्मचारियों और अधिकारियों से बात की। इस दौरान उन्होंने कई रेल कर्मचारियों से मिलकर बेहतर काम के लिए बधाई भी दी। जानकारी के मुताबिक 17 साल बाद कोई रेल मंत्री जमालपुर रेल कारखाने पहुंचा है। इससे पहले 2008 में लालू यादव यहां आए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें