वहीं सुशील मोदी ने जवाबी हमला करते हुए लिखा कि ‘पिछले 30 साल से लालू संघ परिवार और भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार कर अल्पसंख्यकों के वोट लेते रहे। लालच इतना कूट-कूट कर भरा है कि चारा घोटाला से लेकर होटल घोटाला तक में नाम आया। किस सिद्धांत की वह बात कर रहे हैं।
उनके राज में सैकड़ों लोग मारे गए और ब्लैकमेलिंग के बल पर बिहार में अपहरण उद्योग पनपा। जेपी, लोहिया के सिद्धांतों को छोड़ कर स्वार्थों से समझौता करते समय तो उन्होंने फांसी पर चढ़ने की नहीं सोची।