मीडिया को लेकर की गई टिप्पणी के लिए भाजपा ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है। भाजपा ने कहा कि राजद ने अपने कार्यकाल में कभी मीडिया की परवाह नहीं की और पूरे बिहार में अव्यवस्था को ही व्यवस्था का नाम दे दिया था। इस समय जबकि राजद सत्ता में नहीं है, लेकिन इसके बाद भी वह उसी तरह के तेवर में लोकतंत्र के चौथे खंभे का अपमान कर रही है। बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) पर राजनीतिक घमासान छिड़ा हुआ है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग द्वारा दिए जा रहे आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए मीडिया के संपर्कों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि राजद सदैव भ्रष्टाचार में डूबी रही है। चारा घोटाला उसके लिए जीने का सहारा बनी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों की धार्मिक भावनाओं का अपमान करना राजद नेताओं का प्रिय खेल बना रहा है। आज उसी राजद पार्टी के सबसे बड़े नेता तेजस्वी यादव मीडिया के संपर्कों पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं तो इसमें कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है। यह राजद नेताओं की परंपरा को ही दिखाता है।
पूनावाला ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव शरियत के प्रति ज्यादा संवेदनशीलता दिखाते हैं और शहाबुद्दीन जैसे अपराधियों के लिए उनके मन में सॉफ्ट कॉर्नर रहा है। वे शरियत का सम्मान करते हैं, लेकिन देश के संविधान की चिंता नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में केवल बिहारी लोगों को वोट देने का अधिकार होना चाहिए, कोई बाहरी व्यक्ति बिहार में वोट न कर पाए, इसके बारे में वे कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह राजद की संस्कृति के अनुसार ही है।
मीडिया पर राजद नेता ने किया था हमला
राजद नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया पर कथित आपत्तिजनक बयान उस समय दिया जब उनसे यह पूछा गया कि चुनाव आयोग 80 फीसदी से अधिक मतदाताओं तक पहुंच बना लेने की बात कह रहा है। इस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के एक-एक मतदाताओं तक उनकी पहुंच है। और राजद कुछ भी गलत नहीं होने देगी। लेकिन मीडिया के सूत्रों को वे सही नहीं समझते हैं। यह वही सूत्र हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर भारत का 'कब्जा' करा दिया था।