बिहार पुलिस ने नीट-यूजी में कथित गड़बड़ी के मामले में झारखंड के देवघर जिले से छह लोगों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान परमजीत सिंह उर्फ बिट्टू, चिंटू उर्फ बलदेव कुमार, काजू उर्फ प्रशांत कुमार, अजीत कुमार, राजीव कुमार उर्फ कारू (सभी नालंदा निवासी) और पंकू कुमार के रूप में हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार युवकों में से एक ने पूछताछ के दौरान अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है। उसने रवि अत्री गैंग से प्रश्नपत्र और अंसरशीट मिलने की बात स्वीकारी है। इसे उसने बाद में व्हाट्सएप के माध्यम से अमित आनंद और नीतीश कुमार को भेजा था। हालांकि, पुलिस ने उसकी पहचान उजागर नहीं की है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पेपर सबसे पहले चिंटू उर्फ सिंटू के पास पहुंचा था।
चिंटू को पेपर लीक गिरोह के सरगना संजीव मुखिया का साथी बताया जा रहा है। एसडीपीओ (देवघर सदर) ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि इन सभी को शुक्रवार देर रात देवीपुर थाना क्षेत्र में एम्स-देवघर के पास एक घर से उठाया गया। इसके बाद पेपर लीक की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम आगे पूछताछ के लिए उनको बिहार ले गई। आरोपी अपनी पहचान बदलकर यहां झन्नू सिंह नामक एक व्यक्ति के घर में कमरा लेकर छिपे थे।
नार्को टेस्ट पर विचार कर रही ईओयू
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सॉल्वर गैंग से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ के दौरान इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड माने जा रहे संजीव मुखिया और राकेश कुमार से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस इन दोनों की तलाश में जुटी है। वहीं, कुछ गिरफ्तार आरोपी परस्पर विरोधी बयान दे रहे हैं या फिर अपने बयान बदल रहे हैं। ऐसे में पुलिस आरोपियों के नार्को विश्लेषण और ब्रेन मैपिंग परीक्षण की संभावना भी तलाश रही है। इन वैज्ञानिक परीक्षणों से जांचकर्ताओं को कुछ नए सुराग मिल सकते हैं।
ईडी भी दर्ज कर सकती है शिकायत
सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से भी पेपरलीक में अवैध लेन-देन की जांच के लिए धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शिकायत दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए ईओयू की प्राथमिकी को आधार बनाया जा सकता है। इसी बीच, ईओयू ने बिहार के कुछ निजी पेशेवर कॉलेजों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
एनटीए ने बिहार पुलिस को उपलब्ध कराए संदर्भ प्रश्नपत्र
इस बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से बिहार पुलिस को नीट-यूजी के संदर्भ प्रश्नपत्र मुहैया करा दिए हैं। ईओयू के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि पटना में तलाशी के दौरान एक घर से कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्रों के जले टुकड़े मिले थे। इन्हें संदर्भ प्रश्नपत्रों से मिलाने के लिए एनटीए से आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया। अब कथित लीक प्रश्नपत्रों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने से पहले संदर्भ प्रश्नपत्रों के साथ मिलाया जाएगा।
यूजीसी-नेट मामले में कुशीनगर में एक संदिग्ध से पूछताछ
इस बीच, यूजीसी-नेट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई ने यूपी के कुशीनगर में निखिल नामक एक व्यक्ति से पूछताछ की। प्रश्नपत्र का एक हिस्सा टेलीग्राम पर पोस्ट करने वाले संदिग्ध को पडरौना कोतवाली ले जाकर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि संदिग्ध ने परीक्षा के लिए राजस्थान के कोटा में कोचिंग ली थी