बिहार विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती जारी है। 243 सीटों पर किसका कब्जा होगा, यह आज तय होगा। लेकिन इन नतीजों में सबसे ज्यादा नजरें 40 आरक्षित सीटों पर टिकी हैं- जहां दिग्गजों का मुकाबला, परिवारवाद की दिलचस्प कहानियां और सियासी समीकरणों का खेल देखने को मिलेगा। इमामगंज से बाराचट्टी और सिकंदरा तक, इन सीटों पर लड़ाई सिर्फ जीत की नहीं, बल्कि वर्चस्व की है। इमामगंज में जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी मैदान में हैं, तो बाराचट्टी में उनकी समधन। सिकंदरा में जीतन राम मांझी ने अपने दामाद प्रफुल्ल मांझी को दिग्गज राजद नेता विधानसभा अध्यक्ष रहे उदय नाराण चौधरी के खिलाफ मैदान में उतारा है। इस सीट पर कांग्रेस भी ताल ठोक रही है। कौन बाजी मारेगा? आज सबकी निगाहें इन्हीं सीटों पर हैं
11 बजे के आंकड़ों के अनुसार इस चुनाव में अब तक जदयू को बड़ी बढ़त मिलती नजर आ रही है। जदयू 15 सीटों से आगे चल रही है। वहीं, भाजपा को 10 और हम को 3 सीटों पर बढ़त मिलती नजर आ रही है। राजद के 3 और कांग्रेस 2 सीट से आगे चल रही है। इसके साथ ही लोजपा 6 सीटों पर बढ़ बनाए हुए है।
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। इनमें से 40 सीटें आरक्षित हैं। 38 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इनमें रामनगर, हरसिद्धि (एस.सी.), बाथनाहा, राजनगर, त्रिवेणीगंज, रानीगंज, बनमनखी, मनिहारी, कोढ़ा, सिंगेश्वर-स्थान प्रखण्ड, सोनबर्षा, कुशेश्वरस्थान, बोचाहा, सकरा, भोरे, दरौली, गरखा, राजापाकर, पातेपुर, कल्याणपुर, रोसेरा, बखरी, अलौली, पीरपैंती, धौरैया, कटोरिया प्रखण्ड, राजगीर, फुलवारी, मसौर्ही, अगियाआंव, राजपुर, मोहनिया, चेनारी, मखदुमपुर, कुटुम्ब, इमामगंज, बाराचट्टी, बोधगया, रजौली, सिकंदरा शामिल है। इनमें कटिहार जिले का मनिहारी और बांका जिले का कटौरिया सीट अनुसूचित जनजातियों के आरक्षित हैं। आइए जानते हैं पिछले दो चुनाव में इन आरक्षित सीटों पर क्या नतीजे रहे हैं