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Bihar Election: आरक्षित सीटों के सियासी संग्राम में परिवारवाद की चलेगी या दिग्गज पड़े भारी, कौन जीत रहा बाजी?

Fri, 14 Nov 2025 11:08 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला

सार

बिहार चुनाव का मतगणना जारी है। 11 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार इस चुनाव में अब तक जदयू को बड़ी बढ़त मिलती नजर आ रही है। 40 आरक्षित सीटों की बात करें तो जदयू 15 सीटे से आगे चल रही है। वहीं, भाजपा 10 और हम को 3 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है। आइए जानते हैं आरक्षित सीटों पर अब तक का हाल।

 
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बिहार चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती जारी है। 243 सीटों पर किसका कब्जा होगा, यह आज तय होगा। लेकिन इन नतीजों में सबसे ज्यादा नजरें 40 आरक्षित सीटों पर टिकी हैं- जहां दिग्गजों का मुकाबला, परिवारवाद की दिलचस्प कहानियां और सियासी समीकरणों का खेल देखने को मिलेगा। इमामगंज से बाराचट्टी और सिकंदरा तक, इन सीटों पर लड़ाई सिर्फ जीत की नहीं, बल्कि वर्चस्व की है। इमामगंज में जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी मैदान में हैं, तो बाराचट्टी में उनकी समधन। सिकंदरा में जीतन राम मांझी ने अपने दामाद प्रफुल्ल मांझी को दिग्गज राजद नेता विधानसभा अध्यक्ष रहे उदय नाराण चौधरी के खिलाफ मैदान में उतारा है। इस सीट पर कांग्रेस भी ताल ठोक रही है। कौन बाजी मारेगा? आज सबकी निगाहें इन्हीं सीटों पर हैं

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11 बजे के आंकड़ों के अनुसार इस चुनाव में अब तक जदयू को बड़ी बढ़त मिलती नजर आ रही है। जदयू 15 सीटों से आगे चल रही है। वहीं, भाजपा को 10 और हम को 3 सीटों पर बढ़त मिलती नजर आ रही है। राजद के 3 और कांग्रेस 2 सीट से आगे चल रही है। इसके साथ ही लोजपा 6 सीटों पर बढ़ बनाए हुए है।

बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। इनमें से 40 सीटें आरक्षित हैं। 38 सीट अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इनमें रामनगर, हरसिद्धि (एस.सी.), बाथनाहा, राजनगर, त्रिवेणीगंज, रानीगंज, बनमनखी, मनिहारी, कोढ़ा, सिंगेश्वर-स्थान प्रखण्ड, सोनबर्षा, कुशेश्वरस्थान, बोचाहा, सकरा, भोरे, दरौली, गरखा, राजापाकर, पातेपुर, कल्याणपुर, रोसेरा, बखरी, अलौली, पीरपैंती, धौरैया, कटोरिया प्रखण्ड, राजगीर, फुलवारी, मसौर्ही, अगियाआंव, राजपुर, मोहनिया, चेनारी, मखदुमपुर, कुटुम्ब, इमामगंज, बाराचट्टी, बोधगया, रजौली, सिकंदरा शामिल है। इनमें कटिहार जिले का मनिहारी और बांका जिले का कटौरिया सीट अनुसूचित जनजातियों के आरक्षित हैं। आइए जानते हैं पिछले दो चुनाव में इन आरक्षित सीटों पर क्या नतीजे रहे हैं
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2015 के बिहार विधानसभा चुनावों में क्या नतीजे आए?

प्रदेश में 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच में मुकाबला हुआ। इस चुनाव में महागठबंधन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी भी शामिल थी। जदयू के अलावा राजद और कांग्रेस ने साथ मिलकर यह चुनाव लड़ा। वहीं, एनडीए में भाजपा के साथ लोजपा, जीतन राम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा शामिल थे। 

इस चुनाव में महागठबंधन ने 178 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, एनडीए को 58 सीटों से संतोष करना पड़ा था। वाम दलों के खाते में तीन सीटें गईं थी। दलवार आंकडे़ की बात करें तो राजद को सबसे ज्यादा 80 सीटें मिली थीं। जदयू के खाते में 71 और कांग्रेस को 27 सीटों पर सफलता मिली थी। एनडीए में सबसे ज्यादा 53 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। लोजपा और रालोसपा को दो-दो और हम को एक सीट जीतने में सफलता मिली थी। वाम दलों में तीनों सीटें भाकपा (माले) ने जीती थीं। बाकी चार सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहे थे।

2015 में आरक्षित सीटों पर किसका बोलबाला रहा?

2015 के चुनाव में सबसे अधिक सीट राजद को मिली थी। राजद को कुल 40 आरक्षित सीटों में से 14 में जीत मिली थी। वहीं, जदयू को 11 और कांग्रेस को 6 सीट पर जीत हासिल की। इस चुनाव में भाजपा को मात्र 5 सीट मिले। इसके साथ ही हम, भाकपा ( माले) , राष्ट्रिय लोक समता पार्टी और निर्दलीय को एक- एक सीट पर जीत मिली थी।

2020 में बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे क्या रहे?

2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच में था। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने 125 सीटें जीती थीं। इनमें सबसे ज्यादा 74 सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। जदयू को 43, वीआईपी और हम को 4-4 सीट पर सफलता मिली थी।  राज्य की 110 सीटें महागठबंधन के खाते में गई थीं। 75 सीटें जीतकर राजद राज्य की सबसे बड़ा दल बना था। इसके साथ ही कांग्रेस को 19, वामदलों को 16 सीट पर जीत मिली थी। इनमें 12 सीटें भाकपा (माले) और दो-दो सीटें भाकपा और माकपा के खाते में गई थीं। अन्य दलों की बात करें तो एआईएमआईएम ने पांच, बसपा, लोजपा और निर्दलीय को एक-एक सीट पर जीत मिली थी।

2020 के चुनाव में आरक्षित सीटों पर कैसा नतीजा रहा?

पिछले चुनाव में बिहार में आरक्षित सीट पर सबसे बड़ी जीत भाजपा को मिली थी। 2015 के मुकाबले 2020 में भाजपा के सीट बढ़े थे। भाजपा ने कुल 10 सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं कांग्रेस को पांच सीट ही मिली थी। राजद को 9 और जदयू की 8 सीट मिले। इसके साथ ही हम और भाकपा (माले) को 3 मिला। भाकपा और विकासशील इंसान पार्टी को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा था।

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2025 के आंकड़ों में अब तक क्या रुझान

11 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार इस चुनाव में अब तक जदयू को बड़ी बढ़त मिलती नजर आ रही है। 40 आरक्षित सीटों की बात करें तो जदयू 15 सीटे से आगे चल रही है। वहीं, भाजपा 10 और हम को 3 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है।  राजद के 3 और कांग्रेस के 2 उम्मीदवार अपनी-अपनी सीटों पर आगे हैं। इसके साथ ही लोजपा को 6 सीटों पर बढ़त मिली है।
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